Himachal Employee Dress Code: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू कर दिया है। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अब सभी सरकारी कर्मचारी कार्यालय और अदालत में केवल फॉर्मल कपड़ों में ही नजर आएंगे।
सरकार के इस फैसले के बाद Himachal Employee Dress Code चर्चा का विषय बन गया है। आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि जींस और टी-शर्ट जैसे कैजुअल कपड़ों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कर्मचारियों के लिए फॉर्मल ड्रेस अनिवार्य
नए Himachal Employee Dress Code के अनुसार पुरुष कर्मचारियों को शर्ट और ट्राउजर या कॉलर वाली शर्ट के साथ पैंट पहनना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही फॉर्मल जूते पहनना भी जरूरी कर दिया गया है।
वहीं महिला कर्मचारियों के लिए साड़ी, फॉर्मल सूट, सलवार-कुर्ता या चूड़ीदार के साथ दुपट्टा पहनने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा वे ट्राउजर और शर्ट के साथ सैंडल या जूते भी पहन सकती हैं। सरकार ने सभी कर्मचारियों को साफ-सुथरे और व्यवस्थित तरीके से ऑफिस आने की हिदायत दी है।
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जींस और टी-शर्ट पर पूरी तरह रोक
Himachal Employee Dress Code के तहत कार्यालय में जींस और टी-शर्ट पहनने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सरकार का मानना है कि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की वेशभूषा पेशेवर और मर्यादित होनी चाहिए।
यह निर्देश पहले भी वर्ष 2021 में जारी किए गए थे, लेकिन कई कर्मचारियों द्वारा इसका पालन नहीं किया जा रहा था। ऐसे में अब सरकार ने सख्ती दिखाते हुए इस नियम को दोबारा लागू किया है।
सोशल मीडिया पर भी सख्त नजर
ड्रेस कोड के साथ-साथ सरकार ने कर्मचारियों के सोशल मीडिया व्यवहार को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है।
Himachal Employee Dress Code के साथ जारी निर्देशों में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर ऐसा कोई बयान या राय साझा न करें, जिससे सरकारी नीतियों की आलोचना हो या राज्यों के बीच संबंध प्रभावित हों। सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया पर अनुशासन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है जितना कि कार्यालय में व्यवहार।
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मुख्यमंत्री का बयान
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कर्मचारियों को शालीन और डिसेंट ड्रेस पहननी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2021 के निर्देशों को ही दोबारा लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ अधिकारियों की गतिविधियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि सरकारी छवि को नुकसान न पहुंचे।
Himachal Employee Dress Code को लेकर उन्होंने यह भी कहा कि किसी को अपनी पसंद के कपड़े पहनने से रोका नहीं जा रहा, लेकिन कार्यालय में ड्रेस कोड का पालन जरूरी है।
ड्रेस कोड लागू करने का उद्देश्य
सरकार के अनुसार Himachal Employee Dress Code लागू करने का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं में शालीनता, अनुशासन और पेशेवर माहौल बनाए रखना है।
इसके साथ ही कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वच्छता और ग्रूमिंग पर भी ध्यान देने की सलाह दी गई है। सरकार का मानना है कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले आम लोगों पर कर्मचारियों की वेशभूषा का प्रभाव पड़ता है, इसलिए एक निश्चित ड्रेस कोड जरूरी है।
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नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी Himachal Employee Dress Code का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
CCS (Conduct) Rules के तहत यह भी कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी ऐसा कोई कार्य या व्यवहार नहीं करेंगे, जो उनके पद की गरिमा के खिलाफ हो। इस नियम के तहत कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान और उसके बाद भी जिम्मेदार व्यवहार बनाए रखना होगा।
प्रशासनिक सख्ती का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि Himachal Employee Dress Code केवल ड्रेस से जुड़ा निर्णय नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक सख्ती और अनुशासन का संकेत भी है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सरकारी दफ्तरों में एक प्रोफेशनल माहौल बना रहे और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि कर्मचारी इस नए नियम का कितना पालन करते हैं और सरकार इसे कितनी सख्ती से लागू करती है।
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