India Energy Security: Middle East Tension के बढ़ते असर और Strait of Hormuz को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। संसदीय समिति ने साफ किया है कि देश में India Energy Security पूरी तरह से नियंत्रण में है और तेल-गैस की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।
हालांकि हाल के दिनों में कुछ शहरों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं और दामों में भी हल्की बढ़ोतरी हुई, लेकिन सरकार का दावा है कि यह स्थिति अस्थायी है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
होर्मुज़ संकट के बावजूद नहीं डगमगाई India Energy Security
मध्य पूर्व में तनाव और खासकर Strait of Hormuz से जुड़ी अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित रखा है। यह वही समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया का करीब 20% तेल और गैस गुजरता है।
सरकार के अनुसार, India Energy Security को मजबूत बनाए रखने के लिए पहले से ही वैकल्पिक स्रोतों पर काम किया जा रहा था, जिसका फायदा अब संकट के समय मिल रहा है।
सैय्यद अयूब ने सीएम योगी को दी खुली चुनौती, ईद पर पूरे देश में सड़क पर नमाज का ऐलान
कच्चे तेल की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर
संसदीय समिति के अनुसार, देश में कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और रोजाना लगभग 55 लाख बैरल की खपत आसानी से पूरी की जा रही है।
हालांकि भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है, लेकिन India Energy Security को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आयात स्रोतों का विविधीकरण किया है।
पहले जहां लगभग 45% तेल आयात होर्मुज़ के जरिए आता था, अब यह निर्भरता घटकर काफी कम हो गई है और करीब 70% आपूर्ति अन्य रास्तों और देशों से सुनिश्चित की जा रही है।
पेट्रोल-डीजल और अन्य ईंधनों की कोई कमी नहीं
देशभर में पेट्रोल, डीजल, केरोसीन और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की उपलब्धता सामान्य है। पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है।
READ MORE: अब सिर्फ दो सिलेंडर ही रखे जा सकते हैं, नियम तोड़ने पर 7 साल तक की जेल
सरकार का कहना है कि India Energy Security को ध्यान में रखते हुए स्टॉक मैनेजमेंट और सप्लाई चेन को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है, जिससे आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
CNG और गैस सप्लाई पर क्या असर पड़ा?
प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में कुछ खाड़ी देशों से सप्लाई प्रभावित जरूर हुई है, लेकिन इसका सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ा है। CNG और घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, जबकि औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए सीमित कटौती लागू की गई है। सरकार ने Nigeria, Angola और Oman जैसे देशों से एलएनजी आयात बढ़ाकर India Energy Security को बनाए रखा है।
LPG सप्लाई को लेकर सरकार सतर्क
एलपीजी भारत के लिए सबसे संवेदनशील सेक्टर माना जाता है क्योंकि इसका लगभग 90% आयात होर्मुज़ मार्ग से होता है। इसके बावजूद, सरकार ने अतिरिक्त कार्गो की व्यवस्था कर ली है और घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया गया है। हर दिन 50 लाख से ज्यादा सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है।
हालांकि कुछ जगहों पर पैनिक बुकिंग देखी गई, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि India Energy Security पूरी तरह सुरक्षित है और किसी तरह की कमी नहीं होगी।
Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने कई सख्त उपाय लागू किए हैं।
- न्यूनतम बुकिंग अंतराल तय किया गया
- डिलीवरी वेरिफिकेशन को सख्त किया गया
- जमाखोरी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई
इसके अलावा एलपीजी की मांग कम करने के लिए अतिरिक्त केरोसीन आवंटित किया गया है और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को वैकल्पिक ईंधन इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है।
लंबे संकट के लिए भी तैयार सरकार
वैश्विक स्तर पर कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, सरकार सब्सिडी और सपोर्ट के जरिए आम उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश कर रही है।
राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है और लगातार निगरानी तंत्र सक्रिय रखा गया है ताकि India Energy Security किसी भी हाल में प्रभावित न हो।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत ने जिस तरह अपनी ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित रखा है, वह उसकी रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है। अगर संकट लंबा भी चलता है, तब भी सरकार के पास इससे निपटने के लिए ठोस प्लान मौजूद है—और फिलहाल आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
पढ़े ताजा अपडेट: Hindi News, Today Hindi News, Breaking News



