Pakistan Airstrike in Kabul: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अफगान प्रशासन ने दावा किया है कि पाकिस्तान ने काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र को निशाना बनाकर हवाई हमला किया। इस हमले में करीब 400 लोगों की मौत हो गई, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
अफगान अधिकारियों के अनुसार यह हमला शहर के बाहरी इलाके में बने एक बड़े रिहैबिलिटेशन सेंटर पर किया गया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह आरोप सही साबित होता है तो Pakistan Airstrike in Kabul दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला सकता है।
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नशा मुक्ति केंद्र बना निशाना
अफगानिस्तान के स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जिस जगह पर हमला हुआ वह एक ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर था, जहां सैकड़ों लोग नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए इलाज करा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रात के समय अचानक तेज धमाके की आवाज आई। कुछ ही मिनटों में इमारत के कई हिस्से ढह गए और चारों तरफ आग और धुएं का गुबार फैल गया।
राहत और बचाव टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन भारी तबाही की वजह से मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
इसी बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया में Pakistan Airstrike in Kabul को लेकर लगातार चर्चा तेज हो गई है।
तालिबान ने बताया मानवता के खिलाफ अपराध
अफगानिस्तान में सत्ता पर काबिज तालिबान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। तालिबान प्रवक्ता ने इसे ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ करार दिया है।
सरकारी बयान में कहा गया कि एक मेडिकल और पुनर्वास केंद्र पर हमला किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता। तालिबान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और जांच की मांग की है।
तालिबान के मुताबिक अगर पाकिस्तान की भूमिका साबित होती है तो यह Pakistan Airstrike in Kabul क्षेत्रीय शांति के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
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पाकिस्तान ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि उनका काबुल में किसी भी तरह के हवाई हमले से कोई संबंध नहीं है।
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यह आरोप ‘बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित’ हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा अफगानिस्तान में स्थिरता और शांति का समर्थन करता रहा है।
हालांकि अफगानिस्तान के दावों के बाद Pakistan Airstrike in Kabul को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इलाके में बढ़ा तनाव
हमले के बाद काबुल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। तालिबान सुरक्षा बलों ने कई इलाकों में जांच अभियान शुरू किया है।
स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। कई जगहों पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया और इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर Pakistan Airstrike in Kabul की पुष्टि हो जाती है तो यह घटना दोनों देशों के रिश्तों को और ज्यादा खराब कर सकती है।
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अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर
इस घटना के बाद पूरी दुनिया की नजर काबुल पर टिक गई है। कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस हमले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अगर किसी चिकित्सा या पुनर्वास केंद्र को निशाना बनाया गया है तो यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।
संयुक्त राष्ट्र के कुछ अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि इस घटना की स्वतंत्र जांच कराई जा सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक Pakistan Airstrike in Kabul का मामला वैश्विक कूटनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।
क्या बढ़ेगा पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव?
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहले से ही कई मुद्दों को लेकर तनाव रहा है। सीमा विवाद, आतंकवाद और राजनीतिक मतभेद दोनों देशों के रिश्तों को लंबे समय से प्रभावित करते रहे हैं।
ऐसे में काबुल में हुए इस कथित हमले ने हालात को और जटिल बना दिया है। अगर जांच में पाकिस्तान की भूमिका सामने आती है तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि Pakistan Airstrike in Kabul सिर्फ एक सैन्य घटना नहीं बल्कि दक्षिण एशिया की राजनीति के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।
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