Dubai Gold Market: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक Gold के कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में जारी संघर्ष और सुरक्षा चिंताओं के कारण कई हवाई मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे Dubai Gold Market में बड़ी मात्रा में सोना फंस गया है। स्थिति यह है कि जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई छू रही हैं, वहीं दुबई में व्यापारी इसे छूट देकर बेचने को मजबूर हो गए हैं।
व्यापार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, उड़ानों में कमी और लॉजिस्टिक्स की बाधाओं ने सोने के निर्यात को लगभग थाम दिया है। ऐसे में भंडारण और बीमा का खर्च तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे बचने के लिए कई व्यापारी बाजार भाव से कम कीमत पर Gold निकाल रहे हैं।
वैश्विक तनाव का व्यापार पर असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव ने कई देशों की उड़ानों और कार्गो सेवाओं को प्रभावित किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक संघर्ष की स्थिति के कारण कई हवाई मार्गों को अस्थायी रूप से बंद या सीमित कर दिया गया है।
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इसका सीधा असर Dubai Gold Market के बुलियन कारोबार पर पड़ा है। दुबई लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय सोना व्यापार का एक बड़ा केंद्र माना जाता है, जहां दुनिया के कई हिस्सों से सोना आकर रिफाइनिंग और पुनः निर्यात के लिए जमा होता है। लेकिन मौजूदा हालात में Gold की खेपें अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
Dubai Gold Market क्यों है Gold ट्रेड का बड़ा केंद्र?
Dubai को वैश्विक सोना व्यापार का प्रमुख हब माना जाता है। यहां स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और अफ्रीकी देशों से सोना आकर रिफाइन किया जाता है और फिर एशिया के कई देशों, खासकर भारत तक भेजा जाता है।
सामान्य परिस्थितियों में सोने की बड़ी खेपें यात्री विमानों के कार्गो सेक्शन के जरिए भेजी जाती हैं। लेकिन जब उड़ानें सीमित हो जाती हैं या रद्द कर दी जाती हैं, तो सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित होती है। यही स्थिति इस समय दुबई में देखने को मिल रही है।
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भारी डिस्काउंट पर बेचने को मजबूर व्यापारी
उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि कई व्यापारी अब लंदन के अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क भाव से कम कीमत पर सोना बेच रहे हैं। जानकारी के मुताबिक कुछ मामलों में यह छूट लगभग 30 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है।
व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि स्टोरेज में पड़ा सोना लगातार खर्च बढ़ा रहा है। इसके साथ ही बीमा और सुरक्षा का खर्च भी बढ़ रहा है। ऐसे में अगर माल लंबे समय तक फंसा रहता है तो नुकसान और ज्यादा हो सकता है।
जमीन के रास्ते भी मुश्किल
हवाई मार्ग प्रभावित होने के बाद कुछ व्यापारियों ने सड़क मार्ग के विकल्प पर भी विचार किया। हालांकि उच्च मूल्य वाले इस संवेदनशील माल को सड़क के रास्ते दूसरे देशों के हवाई अड्डों तक ले जाना जोखिम भरा माना जा रहा है।
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सुरक्षा कारणों और सीमा पार परिवहन से जुड़ी जटिलताओं के चलते कई लॉजिस्टिक्स कंपनियां इस विकल्प से दूरी बना रही हैं। इस वजह से फिलहाल व्यापारियों के पास ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं।
भारत पर क्या पड़ेगा असर?
भारत दुनिया के सबसे बड़े Gold उपभोक्ताओं में से एक है और यहां आने वाले सोने का बड़ा हिस्सा दुबई से होकर गुजरता है। ऐसे में भारतीय बाजार भी इस स्थिति से पूरी तरह अछूता नहीं रह सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ शिपमेंट में देरी होने से भारत में फिजिकल गोल्ड की उपलब्धता पर अस्थायी असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल बाजार में घबराहट की स्थिति नहीं है क्योंकि भारतीय डीलरों के पास पहले से पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
कीमतों में तेज उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस साल सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। स्पॉट गोल्ड की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह ऐतिहासिक ऊंचाई के करीब कारोबार कर रहा है।
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बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की तलाश के कारण सोने की मांग बढ़ी है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स लागत और आपूर्ति बाधित होने से भी बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव जल्दी कम नहीं हुआ तो Gold की सप्लाई चेन पर इसका असर और गहरा हो सकता है। लंबे समय तक शिपिंग बाधित रहने से कई देशों में आपूर्ति की समस्या खड़ी हो सकती है।
फिलहाल Dubai Gold Market की नजर क्षेत्रीय हालात और अंतरराष्ट्रीय परिवहन व्यवस्था पर टिकी हुई है। जैसे ही उड़ानें सामान्य होंगी, सोने की अटकी हुई खेपें भी अपने गंतव्य तक पहुंचने लगेंगी और बाजार में संतुलन वापस आ सकता है।
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