India Governor Reshuffle 2026: देश में एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और बदलाव किए गए हैं। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और लद्दाख में भी लेफ्टिनेंट गवर्नर (एलजी) बदले गए हैं। राष्ट्रपति की ओर से जारी आदेश के अनुसार बिहार, महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में नए राज्यपाल (India Governor Reshuffle 2026) नियुक्त किए गए हैं। इस बदलाव को केंद्र सरकार की ओर से प्रशासनिक संतुलन और नए नेतृत्व की दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है।
दिल्ली और लद्दाख में बदले लेफ्टिनेंट गवर्नर
इस बड़े बदलाव में दिल्ली और लद्दाख के उपराज्यपालों (India Governor Reshuffle 2026) की भी अदला-बदली की गई है। दिल्ली के मौजूदा एलजी विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया है। वहीं, अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत रहे तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल बनाया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह फैसला प्रशासनिक अनुभव और कूटनीतिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
बिहार, महाराष्ट्र और तेलंगाना में नए राज्यपाल
राज्यपालों के इस फेरबदल (India Governor Reshuffle 2026) में बिहार और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में भी नए चेहरे सामने आए हैं। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं बिहार के वरिष्ठ बीजेपी नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल बनाया गया है। महाराष्ट्र में जिष्णु देव वर्मा को राज्यपाल की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश के मौजूदा राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
हिमाचल और तमिलनाडु में भी बदली जिम्मेदारियां
लद्दाख के मौजूदा लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का नया राज्यपाल बनाया गया है। वहीं केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह बदलाव कई राज्यों में प्रशासनिक अनुभव को साझा करने और बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया बताया जा रहा है।
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पश्चिम बंगाल में भी बदला राजभवन
इस फेरबदल का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला फैसला पश्चिम बंगाल से जुड़ा रहा। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। आनंद बोस का कार्यकाल अभी नवंबर 2027 तक था, ऐसे में उनका अचानक इस्तीफा देना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
ममता बनर्जी ने जताई चिंता
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के इस्तीफे के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह इस अचानक हुए फैसले से स्तब्ध और बेहद चिंतित हैं। ममता बनर्जी के मुताबिक, बिना किसी स्पष्ट कारण के इतने बड़े पद से इस्तीफा देना कई सवाल खड़े करता है।
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बीजेपी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी ओर बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के बयान को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि राजभवन में बदलाव होना सामान्य प्रक्रिया है और इसमें राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि आनंद बोस ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है, इसलिए इस मुद्दे को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना सही नहीं है।
नए राज्यपाल और एलजी की पूरी सूची
हालिया फैसले के बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नियुक्त नए राज्यपाल और एलजी इस प्रकार हैं-
- दिल्ली – तरनजीत सिंह संधू (उपराज्यपाल)
- लद्दाख – विनय कुमार सक्सेना (उपराज्यपाल)
- बिहार – लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन
- पश्चिम बंगाल – आर.एन. रवि
- महाराष्ट्र – जिष्णु देव वर्मा
- तेलंगाना – शिव प्रताप शुक्ला
- हिमाचल प्रदेश – कविंदर गुप्ता
- नागालैंड – नंद किशोर यादव
- तमिलनाडु – राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर (अतिरिक्त प्रभार)
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब इन राज्यों में नए राज्यपालों के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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