Khamenei Dead Body: मिडिल ईस्ट के सबसे ताकतवर और विवादित चेहरों में से एक, आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत को 50 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन पूरी दुनिया के मन में एक ही सवाल कौंध रहा है खामेनेई की डेड बॉडी कहा है? 28 फरवरी को ईरान के सरकारी आवास पर हुए भीषण हमले में उनकी मौत के बाद से न तो उनके शव की कोई तस्वीर सामने आई है और न ही अंतिम संस्कार को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ईरान ने अपने नए उत्तराधिकारी और कार्यकारी सर्वोच्च नेता का चुनाव तो कर लिया है, लेकिन अपने सबसे बड़े रहनुमा की अंतिम विदाई पर रहस्य की चादर ओढ़ ली है।
सनसनीखेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई के शव को आखिरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देखा था। बताया जा रहा है कि हमले के बाद मलबे से निकाले गए उनके शव की पुष्टि मोसाद के एजेंटों ने की थी। ‘खलीज टाइम्स’ और ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के हवाले से दावा किया जा रहा है कि जब हमला हुआ, तब खामेनेई रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मोहम्मद पाकपूर और सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी के साथ एक गुप्त बैठक कर रहे थे। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मौके पर ही सब कुछ मलबे में तब्दील हो गया।
मोसाद का ऑपरेशन और ‘डेथ डॉक्यूमेंट्स’
इजरायली मीडिया आउटलेट ‘कान’ के अनुसार, हमले के तुरंत बाद मोसाद के एजेंटों ने खामेनेई के शव को अपने कब्जे में लिया था। वहां उन्होंने शव की शिनाख्त की, जरूरी दस्तावेज़ तैयार किए और सबूत के तौर पर तस्वीरें लीं। इन दस्तावेजों और सबूतों को तुरंत प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और व्हाइट हाउस भेजा गया। हैरानी की बात यह है कि शिनाख्त पूरी करने के बाद एजेंटों ने शव को वहीं मलबे के पास छोड़ दिया और वहां से निकल गए। तब से ईरान की सरकार ने शव की स्थिति पर चुप्पी साध रखी है। (Khamenei Dead Body)
ट्रंप और नेतन्याहू का ‘डिजिटल वेरिफिकेशन’
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला दावा किया गया है कि स्ट्राइक के कुछ ही समय बाद खामेनेई के शव की लाइव फीड या हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू को दिखाई गई थीं। यह इस बात की पुष्टि करने के लिए था कि ‘टारगेट’ पूरी तरह खत्म हो चुका है। ईरान के भीतर इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनके सर्वोच्च नेता की गरिमा के साथ इस तरह का खिलवाड़ हुआ, लेकिन आधिकारिक तौर पर तेहरान अभी भी रक्षात्मक मुद्रा में है। (Khamenei Dead Body)
क्या है ईरान की रणनीति?
ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे दो बड़ी वजहें हो सकती हैं। पहली यह कि ईरान अभी युद्ध की स्थिति में है और वह अपने सर्वोच्च नेता के जनाजे पर इजरायली हमले का जोखिम नहीं उठाना चाहता। दूसरी चर्चा यह है कि ईरान ‘हिजबुल्लाह मॉडल’ अपना सकता है। गौरतलब है कि हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरुल्लाह का अंतिम संस्कार भी उनके निधन के 5 महीने बाद किया गया था, जिसमें खुद खामेनेई शामिल हुए थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि जंग खत्म होने तक शव को किसी गुप्त स्थान पर सुरक्षित रखा जा सकता है। (Khamenei Dead Body)
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ईरान का ‘इंतकाम’ और नई लीडरशिप
भले ही ईरान ने शव को लेकर चुप्पी साधी हो, लेकिन खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए उसने जो मिसाइल हमले शुरू किए हैं, उसने दुनिया को दहला दिया है। नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अलीरजा अराफी ने पद संभालते ही नेतन्याहू के खिलाफ ‘डेथ वारंट’ जारी कर दिया है। ईरान अब शोक मनाने के बजाय ‘आर-पार की जंग’ के मूड में दिख रहा है। हालांकि, जब तक खामेनेई का शव जनता के सामने नहीं आता, तब तक तेहरान की गलियों में सन्नाटा और अनिश्चितता का माहौल बना रहेगा। (Khamenei Dead Body)



