India vs Zimbabwe T20 2026: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 (India vs Zimbabwe T20 2026) के सुपर-8 मुकाबले में टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को 72 रनों से हराकर टूर्नामेंट में जोरदार वापसी की है। चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए ‘करो या मरो’ जैसा था। इस जीत के साथ भारत ने सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी दावेदारी फिर से मजबूत कर ली है। यह जीत किसी एक स्टार खिलाड़ी की नहीं, बल्कि टीम के सामूहिक प्रदर्शन का नतीजा रही। बल्लेबाजी में दम, गेंदबाजी में धार और मैदान पर आक्रामक सोच इन तीनों ने मिलकर भारत को बड़ी जीत दिलाई।
तूफानी शुरुआत – अभिषेक ने बदला मैच का मूड
भारत की पारी की शुरुआत (India vs Zimbabwe T20 2026) युवा ओपनर अभिषेक शर्मा ने जिस आत्मविश्वास के साथ की, उसने मैच का रुख तय कर दिया। पावरप्ले में उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए चौके-छक्कों की झड़ी लगा दी। अभिषेक ने 55 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ संयम भी दिखा। शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद उन्होंने रन गति को धीमा नहीं होने दिया। इस पारी ने भारत को बड़े स्कोर की ठोस नींव दी और विपक्षी टीम को बैकफुट पर धकेल दिया।
कप्तान सूर्यकुमार की स्मार्ट कप्तानी और जिम्मेदार पारी
मध्यक्रम में कप्तान सूर्यकुमार यादव (India vs Zimbabwe T20 2026) ने एक बार फिर साबित किया कि वह सिर्फ विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि समझदार लीडर भी हैं। उन्होंने परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी की जहां जरूरत थी वहां बड़े शॉट लगाए और जब विकेट बचाने की दरकार थी, तब स्ट्राइक रोटेट कर पारी को संभाला। उनकी पारी भले ही बहुत लंबी नहीं रही, लेकिन उसका असर बड़ा था। उन्होंने दूसरे छोर पर बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका दिया और स्कोरबोर्ड को लगातार गतिमान रखा।
तिलक-हार्दिक की साझेदारी – डेथ ओवर्स में बरपा कहर
आखिरी ओवरों में तिलक वर्मा और हार्दिक पंड्या की जोड़ी ने मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में झुका दिया। तिलक ने 44 रनों की तेज पारी खेली, जबकि हार्दिक ने 50 रन बनाकर एक बार फिर ‘फिनिशर’ की भूमिका निभाई। दोनों के बीच तेज साझेदारी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की रणनीति को ध्वस्त कर दिया। अंतिम पांच ओवरों (India vs Zimbabwe T20 2026) में तेजी से रन जोड़ते हुए भारत का स्कोर 250 के पार पहुंच गया, जो टी20 मुकाबले में किसी भी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण लक्ष्य होता है।
अर्शदीप की धारदार गेंदबाजी – शुरुआती झटकों से टूटा जिम्बाब्वे
बल्लेबाजों के बाद गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने कमाल दिखाया। उन्होंने 3 अहम विकेट लेकर जिम्बाब्वे की रन चेज की कमर तोड़ दी। नई गेंद से सटीक लाइन-लेंथ और डेथ ओवर्स में नियंत्रित गेंदबाजी ने विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अर्शदीप को अन्य गेंदबाजों का भी अच्छा साथ मिला, जिससे जिम्बाब्वे की टीम कभी भी लक्ष्य के करीब नहीं पहुंच सकी। भारतीय फील्डिंग भी इस मुकाबले में शानदार रही। कैच पकड़ने से लेकर ग्राउंड फील्डिंग तक, हर विभाग में टीम चुस्त नजर आई।
सेमीफाइनल की दौड़ में भारत की स्थिति मजबूत
सुपर-8 चरण में यह जीत भारत के लिए बेहद अहम रही। इससे पहले मिली हार के बाद टीम पर दबाव था, लेकिन इस प्रदर्शन ने आलोचकों को जवाब दे दिया है। अब भारतीय टीम की नजरें अगले मुकाबले पर हैं, जहां उसका सामना वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम से होगा। सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए भारत को उसी आक्रामक और संतुलित खेल को दोहराना होगा। जिम्बाब्वे के खिलाफ मिली यह जीत सिर्फ दो अंक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की बड़ी खुराक भी है। टीम ने यह दिखा दिया है कि जब सामूहिक प्रदर्शन होता है, तो जीत बड़ी और प्रभावशाली होती है।
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