Manipur CM Meets Amit Shah: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटने और नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में राज्य के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने रविवार (22 फरवरी) को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Manipur CM Meets Amit Shah) से मुलाकात की। यह मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका पहला दिल्ली दौरा था, जिसे राज्य में शांति बहाली के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
गृह मंत्री आवास पर हुई विस्तृत चर्चा
आधिकारिक बयान के अनुसार बैठक अमित शाह के आवास पर हुई। इसमें मणिपुर के उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और लोसी दिखो भी मौजूद रहे। बैठक में राज्य के मौजूदा हालात, विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास बहाली, आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (IDPs) के पुनर्वास और प्रशासनिक स्थिरता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। गृह मंत्री अमित शाह (Manipur CM Meets Amit Shah) ने मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार को विस्थापित परिवारों के पुनर्वास पर प्राथमिकता से ध्यान देने का निर्देश दिया।
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सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया (Manipur CM Meets Amit Shah) पर साझा करते हुए लिखा कि नई दिल्ली में गृह मंत्री से मिलना सौभाग्य की बात रही। उन्होंने बताया कि बैठक में शांति, स्थिरता, पुनर्वास और विकास से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा हुई। सीएम ने यह भी कहा कि गृह मंत्री ने IDPs के शीघ्र पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। उन्होंने मणिपुर की जनता की ओर से अमित शाह के निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रपति शासन के बाद नई शुरुआत
गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटाया था। इसके बाद 4 फरवरी को युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ नेमचा किपगेन (बीजेपी) और लोसी दिखो (नागा पीपुल्स फ्रंट) को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। इसके अलावा बीजेपी के गोविंदास कोंथौजाम और एनपीपी के के. लोकेन सिंह को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई सरकार के गठन को राज्य में राजनीतिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शांति बहाली सबसे बड़ी चुनौती
मणिपुर बीते महीनों में सामुदायिक तनाव और हिंसा की घटनाओं से जूझता रहा है। ऐसे में नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती विश्वास बहाली और सामाजिक समरसता स्थापित करने की है। माना जा रहा है कि दिल्ली में हुई यह बैठक केवल औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संवाद था, जिसमें केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को मजबूत करने का प्रयास दिखा। खासकर विस्थापित परिवारों की वापसी और पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित करना आने वाले दिनों में सरकार की प्राथमिकता रहेगा।
केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर
बैठक से यह संकेत भी मिला कि मणिपुर के हालात सुधारने के लिए केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से काम करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक सुधारों को लेकर भी सहयोग बढ़ाने की बात सामने आई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि पुनर्वास और शांति प्रक्रिया को तेजी से लागू किया गया, तो राज्य में स्थिरता की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
मुख्यमंत्री का यह पहला दिल्ली (Manipur CM Meets Amit Shah) दौरा राज्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि केंद्र के आश्वासन के बाद जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से कदम उठाए जाते हैं। मणिपुर की जनता शांति, विकास और सामान्य जीवन की बहाली की उम्मीद कर रही है। आने वाले सप्ताह राज्य की नई सरकार के लिए परीक्षा की घड़ी होंगे।
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