PM Modi Israel Visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 27-28 फरवरी को इजराइल दौरे की संभावना ने इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में हलचल मचा दी है। हालांकि भारत या इजराइल की तरफ से कोई ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं आया है, लेकिन इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयान ने दौरे को लगभग कन्फर्म कर दिया है।
नेतन्याहू ने हाल ही में मेजर अमेरिकन ज्यूइश ऑर्गेनाइजेशन्स के प्रेसिडेंट्स के कॉन्फ्रेंस की मीटिंग में कहा, ‘अगले हफ्ते यहां कौन आ रहा है? प्रधानमंत्री मोदी। हम उनका ग्रैंड वेलकम करेंगे।’ इस बयान के बाद से, यह दौरा ग्लोबल डिप्लोमेसी का एक बड़ा टॉपिक बन गया है।
PM Modi Israel Visit 2026: भारत-इजराइल रिश्तों में एक नया स्ट्रेटेजिक चैप्टर
पिछले एक दशक में भारत-इजराइल रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। दोनों देशों के बीच डिफेंस, टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर और साइबर सिक्योरिटी में कोऑपरेशन तेजी से बढ़ा है, खासकर 2014 के बाद से।
2017 में, प्रधानमंत्री मोदी इज़राइल जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। नेतन्याहू और मोदी के बीच की केमिस्ट्री ने दुनिया का ध्यान खींचा। अगर यह विजिट होती है, तो इसे रिश्तों के अगले लेवल की शुरुआत के तौर पर देखा जाएगा।
इजराइल के साथ मजबूत रिश्ते, अरब देशों के साथ रिश्तों को बैलेंस करते हुए, भारत की ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ फॉरेन पॉलिसी के तहत नई डिप्लोमैटिक स्ट्रैटेजी का हिस्सा हैं।
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PM Modi Israel Visit 2026: डिफेंस और काउंटर-टेररिज्म पर फोकस
डिफेंस सेक्टर भारत-इजराइल रिश्तों में सबसे मजबूत कड़ी है। इजराइल भारत को मॉडर्न ड्रोन, मिसाइल सिस्टम, रडार और सर्विलांस टेक्नोलॉजी देता है।
उम्मीद है कि इस संभावित विजिट के दौरान काउंटर-टेररिज्म सहयोग, इंटेलिजेंस शेयरिंग, नई डिफेंस डील और बॉर्डर सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दों पर अहम बातचीत हो सकती है। वेस्ट एशिया के मौजूदा तनावपूर्ण हालात को देखते हुए यह बैठक रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
PM Modi Israel Visit 2026: मिडिल ईस्ट पॉलिटिक्स में भारत की संतुलित भूमिका
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्षों के बीच भारत ने हमेशा संतुलित रुख अपनाया है। एक तरफ इजराइल के साथ मजबूत रक्षा और तकनीकी संबंध हैं, तो दूसरी तरफ अरब देशों के साथ ऊर्जा और व्यापारिक साझेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री मोदी का संभावित दौरा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भारत किसी एक धड़े में नहीं, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर कूटनीति करता है। भारत की यही संतुलित रणनीति उसे एक जिम्मेदार और उभरती हुई वैश्विक ताकत के रूप में स्थापित कर रही है।
PM Modi Israel Visit 2026: स्टार्टअप नेशन के साथ टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप
इजराइल को ‘स्टार्टअप नेशन’ कहा जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, एग्री-टेक और वॉटर मैनेजमेंट में उसकी विशेषज्ञता विश्व प्रसिद्ध है। भारत में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों को गति देने में इजराइल एक अहम सहयोगी बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा के दौरान, नई टेक्नोलॉजी MoU, संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट, स्टार्टअप कोलैबोरेशन और इनोवेशन फंड जैसे बड़े ऐलान संभव हैं। यह साझेदारी भारत के टेक सेक्टर को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बना सकती है।
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PM Modi Israel Visit 2026: नेतन्याहू का बयान क्यों बना बड़ा सिग्नल?
नेतन्याहू का सार्वजनिक मंच से दिया गया बयान सिर्फ औपचारिक स्वागत संदेश नहीं था, बल्कि यह एक स्पष्ट कूटनीतिक संकेत भी था।
जब किसी देश का प्रधानमंत्री खुले मंच से दूसरे देश के नेता के आगमन की घोषणा जैसी बात करता है, तो उसे गंभीर डिप्लोमैटिक इशारा माना जाता है। यह बयान दर्शाता है कि इजराइल भारत को एशिया में अपने सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है।
PM Modi Israel Visit 2026: ग्लोबल स्टेज पर भारत की बढ़ती ताकत
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने वैश्विक मंचों पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। चाहे G20 की अध्यक्षता हो या क्वाड जैसे समूहों में सक्रिय भूमिका भारत की कूटनीतिक सक्रियता साफ दिखाई देती है।
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राएं अक्सर बड़े रणनीतिक परिणाम लेकर आती हैं। ऐसे में इजराइल दौरा भी सिर्फ औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला कदम साबित हो सकता है।
PM Modi Israel Visit 2026: क्या हो सकते हैं बड़े ऐलान?
पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना है कि इस यात्रा के दौरान डिफेंस सेक्टर में नई डील, साइबर सिक्योरिटी समझौते, कृषि टेक्नोलॉजी सहयोग और व्यापार बढ़ाने की नई रणनीति जैसे बड़े ऐलान संभव हैं।
हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन नेतन्याहू के उत्साह ने संकेत दे दिया है कि यह यात्रा भारत-इजराइल संबंधों में नया अध्याय लिख सकती है।
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