DSSSB Exam Guidelines 2026: राजधानी में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। Delhi Subordinate Services Selection Board (DSSSB) ने वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली विभिन्न पोस्ट कोड की ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ कराई जाएगी। प्रवेश समय, ड्रेस कोड, जरूरी दस्तावेज और प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर नियम बेहद कड़े होंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन (DSSSB Exam Guidelines 2026) पर उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
समय की पाबंदी अनिवार्य, देरी पर नहीं मिलेगा प्रवेश
बोर्ड के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग समय ई-एडमिट कार्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज होगा। अभ्यर्थियों को उसी निर्धारित समय के अनुसार केंद्र पर पहुंचना होगा। तय समय के बाद किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा के दिन कम से कम 30 से 60 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें, ताकि सुरक्षा जांच और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
ई-एडमिट कार्ड और फोटो पहचान पत्र जरूरी
परीक्षा केंद्र (DSSSB Exam Guidelines 2026) में प्रवेश के लिए ई-एडमिट कार्ड और मूल फोटो पहचान पत्र अनिवार्य होगा। बिना इन दोनों दस्तावेजों के किसी को भी परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों को फोटो अटेंडेंस शीट पर हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान देना होगा। यह शीट इनविजिलेटर को जमा करनी होगी। बोर्ड ने साफ किया है कि यदि कोई उम्मीदवार यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं अभ्यर्थी की होगी।
परीक्षा खत्म होने से पहले नहीं निकल सकेंगे बाहर
डीएसएसएसबी (DSSSB Exam Guidelines 2026) ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद और समाप्ति से पहले किसी भी उम्मीदवार को केंद्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। सभी अभ्यर्थियों को पूरी परीक्षा अवधि तक परीक्षा कक्ष में मौजूद रहना अनिवार्य है। इस नियम का उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को खत्म करना है।
कंप्यूटर आधारित परीक्षा और नेगेटिव मार्किंग
अधिकांश पोस्ट के लिए परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) होगी, जबकि कुछ पदों के लिए लिखित परीक्षा भी आयोजित की जा सकती है। प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगा, हालांकि भाषा से जुड़े प्रश्न उसी भाषा में पूछे जाएंगे। गलत उत्तर देने पर 0.25 अंक काटे जाएंगे। यानी नेगेटिव मार्किंग लागू रहेगी। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल उन्हीं प्रश्नों के उत्तर दें जिनके बारे में वे सुनिश्चित हों। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई-एडमिट कार्ड जारी होना या परीक्षा में शामिल होना नौकरी की गारंटी नहीं है। अंतिम चयन से पहले दस्तावेजों और पात्रता (DSSSB Exam Guidelines 2026) की गहन जांच की जाएगी।
परीक्षा केंद्र में क्या ले जाना है और क्या नहीं?
बोर्ड ने प्रतिबंधित वस्तुओं की लंबी सूची जारी की है। परीक्षा केंद्र (DSSSB Exam Guidelines 2026) में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, ईयरफोन, माइक्रोफोन, कैलकुलेटर, पेन ड्राइव, स्कैनर, इलेक्ट्रॉनिक पेन, घड़ी, कैमरा, वॉलेट, बैग, बेल्ट, गॉगल्स और ज्वेलरी जैसे अंगूठी, चेन या लॉकेट ले जाने की अनुमति नहीं होगी। खाने-पीने की चीजें और पानी की बोतल भी अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। बोर्ड ने साफ किया है कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी सामान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं होगी। इसलिए उम्मीदवार केवल जरूरी दस्तावेज लेकर ही केंद्र पर पहुंचें।
ड्रेस कोड भी अनिवार्य
परीक्षा (DSSSB Exam Guidelines 2026) के लिए विशेष ड्रेस कोड जारी किया गया है। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बाजू के कपड़े पहनकर आने की सलाह दी गई है। कपड़ों पर बड़े बटन, बैज या अतिरिक्त सजावट नहीं होनी चाहिए। लड़कियों और लड़कों दोनों को सैंडल या कम एड़ी वाली चप्पल पहनने की सलाह दी गई है। जूते पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी। इन नियमों का उद्देश्य सुरक्षा जांच को सरल और पारदर्शी बनाना है।
दिव्यांग और विशेष मामलों के लिए अलग प्रावधान
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए संबंधित मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार विशेष व्यवस्था की जाएगी। यदि कोई उम्मीदवार धार्मिक कारणों से कड़ा या कृपाण पहनता है, तो उसे रिपोर्टिंग समय से कम से कम एक घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना होगा, ताकि सुरक्षा जांच समय पर पूरी की जा सके।
नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई
डीएसएसएसबी (DSSSB Exam Guidelines 2026) ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी उम्मीदवार के पास प्रतिबंधित वस्तु पाई जाती है, तो इसे अनुचित साधन (Unfair Means) माना जाएगा। ऐसे मामलों में उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है और भविष्य की परीक्षाओं से भी प्रतिबंधित किया जा सकता है। बोर्ड का कहना है कि इन सख्त नियमों का मकसद परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाना है।
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