Gold Silver Crash: केंद्रीय बजट के बाद कमोडिटी बाजार में ऐसा तूफान आया, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की हो। जिस सोने और चांदी ने हाल के दिनों में निवेशकों को रिकॉर्ड मुनाफा दिया था, वही अब अचानक औंधे मुंह गिर गए हैं। महज दो दिनों के भीतर चांदी करीब 1.36 लाख रुपये और सोना लगभग 30 हजार रुपये तक टूट चुका है। इस तेज गिरावट ने निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों को भी हैरान कर दिया है।
बजट वाले दिन बदला बाजार का मिजाज
बजट के दिन जब संसद में आर्थिक नीतियों पर चर्चा हो रही थी, उसी समय कमोडिटी बाजार में अलग ही कहानी लिखी जा रही थी। वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन जोरदार गिरावट देखने को मिली। जो कीमती धातुएं कुछ दिन पहले तक ऑल टाइम हाई पर थीं, वे अब रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुकी हैं। इस अचानक Gold Silver Crash से बाजार का पूरा समीकरण ही बदल गया है।
READ MORE: क्या 2026 में भी टल जाएगा 8वां वेतन आयोग? बजट के आंकड़ों से मिले अहम संकेत!
दो दिन में पलट गई पूरी तस्वीर
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़े इस गिरावट की गंभीरता को साफ दिखाते हैं। 29 जनवरी को चांदी जहां 4.01 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गई थी, वहीं अब यह लुढ़ककर करीब 2.66 लाख रुपये पर कारोबार कर रही है। यानी कुछ ही दिनों में चांदी के दाम में करीब 1.36 लाख रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
सोने की बात करें तो 29 जनवरी को वायदा बाजार में यह 1.69 लाख रुपये तक पहुंच गया था। अब यह फिसलकर लगभग 1.38 लाख रुपये के आसपास आ गया है। आज 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.46 लाख रुपये दर्ज किया गया। साफ है कि महज दो दिनों में सोने की कीमत में 30 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।
सर्राफा बाजार में भी दिखा Gold Silver Crash
हालांकि आज सर्राफा बाजार बंद रहा, लेकिन इससे पहले 30 जनवरी को ही कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई थी। उस दिन चांदी करीब 40 हजार रुपये और सोना लगभग 9,500 रुपये सस्ता हुआ था। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1.65 लाख रुपये और चांदी 3.39 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास दर्ज किया गया था।
READ MORE: भारत बनेगा ग्लोबल बायोफार्मा हब, बजट 2026 में 10 हजार करोड़ की बड़ी घोषणा
आखिर क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तेज Gold Silver Crash के पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला कारण है जोरदार मुनाफावसूली। पिछले कुछ हफ्तों में सोना और चांदी लगातार ऊंचाई पर पहुंचते गए थे। जिन निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी की थी, उन्होंने रिकॉर्ड भाव देखकर मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। एक साथ बड़ी संख्या में बिकवाली होने से कीमतों पर भारी दबाव बना।
दूसरा अहम कारण फिजिकल डिमांड में गिरावट है। जब सोने-चांदी के दाम बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं, तो आम ग्राहक और ज्वेलरी इंडस्ट्री की मांग कमजोर पड़ने लगती है। मांग घटते ही कीमतों में करेक्शन आना शुरू हो जाता है।
Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
मार्जिन बढ़ने से क्यों मचा कोहराम?
इस Gold Silver Crash का सबसे बड़ा तकनीकी कारण ‘मार्जिन मनी’ में बढ़ोतरी को माना जा रहा है। सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने कॉपर के बाद अब सोने और चांदी पर भी मार्जिन बढ़ा दिया है। सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% और चांदी पर 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।
कमोडिटी बाजार में ट्रेडिंग के लिए ट्रेडर्स को पूरी रकम नहीं, बल्कि एक हिस्सा मार्जिन के रूप में जमा करना होता है। जब एक्सचेंज मार्जिन बढ़ाता है, तो ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पैसा लगाना पड़ता है। जिनके पास तुरंत कैश नहीं होता, वे मजबूरन अपनी होल्डिंग बेच देते हैं। जब बाजार में एक साथ बिकवाली बढ़ती है, तो कीमतें तेजी से गिरने लगती हैं।
READ MORE: टूट सकती है 75 साल पुरानी बजट परंपरा, वित्त मंत्री का ‘नया फॉर्मूला’ बदलेगा आर्थिक सोच
आगे क्या रहेगा रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि मार्जिन बढ़ने और मुनाफावसूली के चलते अभी कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि में सोना और चांदी अब भी सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, लेकिन फिलहाल बाजार में सावधानी बरतने की जरूरत है।
खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या मायने?
जहां निवेशकों के लिए यह Gold Silver Crash झटका साबित हुई है, वहीं आम खरीदारों के लिए यह मौका भी हो सकता है। शादी-ब्याह और ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए सस्ते दाम राहत लेकर आ सकते हैं, जबकि निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।
पढ़े ताजा अपडेट: Hindi News, Today Hindi News, Breaking News



