Biopharma Budget: केंद्रीय बजट 2026 में स्वास्थ्य और नवाचार क्षेत्र को बड़ी मजबूती देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक घोषणा की है। इस कदम का मकसद भारत को आने वाले वर्षों में ग्लोबल बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है। सरकार का मानना है कि नॉलेज, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के जरिए बायोफार्मा रणनीति न सिर्फ हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करेगी, बल्कि देश के डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
‘बायोफार्मा शक्ति’ से बदलेगा हेल्थकेयर का भविष्य
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य देश में बायोफार्मास्यूटिकल रिसर्च, वैक्सीन डेवलपमेंट, जीन थेरेपी, बायोलॉजिक्स और एडवांस्ड ड्रग मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। सरकार इस सेक्टर को आत्मनिर्भर भारत मिशन का अहम स्तंभ मान रही है।
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वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दौरान भारत ने दुनिया को यह दिखाया कि वह बड़े पैमाने पर वैक्सीन उत्पादन और सप्लाई की क्षमता रखता है। अब उसी अनुभव को आधार बनाकर भारत को वैश्विक Biopharma Budget इंडस्ट्री का भरोसेमंद केंद्र बनाया जाएगा।
रोजगार और स्टार्टअप्स को मिलेगा सीधा फायदा
इस बड़े बजटीय आवंटन से देश में हाई-स्किल जॉब्स के नए अवसर पैदा होंगे। Biopharma Budget सेक्टर में रिसर्च साइंटिस्ट, डेटा एनालिस्ट, बायोटेक इंजीनियर और मेडिकल टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की मांग तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, हेल्थटेक और बायोटेक स्टार्टअप्स को भी सरकारी सहयोग, फंडिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश भारत को केवल दवाओं का निर्माता नहीं, बल्कि हेल्थ इनोवेशन लीडर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
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डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि Biopharma Budget रणनीति को भारत के डिजिटल हेल्थ मिशन से जोड़ा जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दवाओं की रिसर्च, क्लिनिकल ट्रायल और सप्लाई चेन को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा। इससे न केवल इलाज की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि मरीजों को किफायती और समय पर दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
आर्थिक ग्रोथ के लिए 6-प्वॉइंट रोडमैप
Biopharma Budget के साथ-साथ बजट 2026 में सरकार ने देश की आर्थिक रफ्तार बनाए रखने के लिए छह-प्वॉइंट रोडमैप भी पेश किया है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, MSMEs, शहरी विकास, रोजगार सृजन और इनोवेशन को विकास रणनीति के केंद्र में रखा गया है। सीतारमण ने कहा कि सरकार का फोकस “ग्रोथ-लेड डेवलपमेंट” पर है, यानी ऐसा विकास जो टिकाऊ हो और लंबे समय तक रोजगार व आय के अवसर पैदा करे।
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भारत की वैश्विक साख को मिलेगा नया आयाम
विश्लेषकों के मुताबिक, Biopharma Budget सेक्टर में यह बड़ा निवेश भारत की वैश्विक साख को और मजबूत करेगा। अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों के लिए भारत एक भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर बन सकता है। इससे निर्यात बढ़ेगा और देश की अर्थव्यवस्था को लंबी अवधि में फायदा होगा।
स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था, दोनों को मिलेगी रफ्तार
कुल मिलाकर, बजट 2026 में Biopharma Budget के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की सौगात सिर्फ एक वित्तीय घोषणा नहीं, बल्कि भारत के स्वास्थ्य, रोजगार और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में मजबूत संदेश है। अगर योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से हुआ, तो आने वाले वर्षों में भारत बायोफार्मा की दुनिया में एक नई पहचान बना सकता है।
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