Amit Shah Dhemaji Speech: असम के धेमाजी जिले में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐसा बयान दिया, जिसने न सिर्फ असम बल्कि पूरे देश की राजनीति में हलचल मचा दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ‘हम असम से घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर निकालेंगे। देश की सुरक्षा और असम की पहचान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।’
यह बयान ऐसे समय में आया है जब असम में नागरिकता, सीमाओं की सुरक्षा, जनसंख्या संतुलन और सांस्कृतिक पहचान को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। गृह मंत्री के इस ऐलान को केंद्र सरकार की सख्त नीति और स्पष्ट इरादों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
Amit Shah Dhemaji Speech: राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है घुसपैठ
अपने भाषण में अमित शाह ने जोर देकर कहा कि घुसपैठ केवल एक राजनीतिक या स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि सीधे-सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक कांग्रेस और अन्य दलों ने वोट बैंक की राजनीति के चलते इस समस्या को जानबूझकर नजरअंदाज किया।
गृह मंत्री ने कहा, ‘जब-जब देश में कमज़ोर सरकार रही, तब-तब सीमाएं असुरक्षित हुईं। लेकिन अब देश में मज़बूत नेतृत्व है। हम एक-एक घुसपैठिये की पहचान करेंगे और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करेंगे।’
उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठ का असर सिर्फ सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरे देश की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक सौहार्द और आर्थिक संतुलन को प्रभावित करता है।
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Amit Shah Dhemaji Speech: NRC और CAA पर फिर दोहराया सरकार का रुख
धेमाजी की जनसभा में अमित शाह ने NRC (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स) और CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) को लेकर फैली आशंकाओं पर भी खुलकर बात की। उन्होंने साफ किया कि NRC का उद्देश्य किसी को डराना नहीं, बल्कि असम के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा करना है।
उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि –
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किसी भी भारतीय नागरिक के साथ अन्याय नहीं होगा
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हर कार्रवाई पूरी तरह संविधान और कानून के तहत होगी
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असमिया संस्कृति, भाषा और पहचान की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है
अमित शाह ने कहा कि अफवाह फैलाकर लोगों को डराने वालों से सतर्क रहने की जरूरत है।
Amit Shah Dhemaji Speech: असम की संस्कृति और पहचान पर जोर
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में असम की समृद्ध संस्कृति, वीर इतिहास और बलिदानों को याद किया। उन्होंने कहा कि असम केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की पूर्वोत्तर सीमा का प्रहरी है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अनियंत्रित घुसपैठ से –
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ज़मीन और संसाधनों पर दबाव बढ़ता है
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स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर घटते हैं
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सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन बिगड़ता है
सरकार इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक और ठोस नीति के साथ काम कर रही है।
Amit Shah Dhemaji Speech: सीमा सुरक्षा और विकास का डबल एजेंडा
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल घुसपैठ रोकना ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती इलाकों का तेज और संतुलित विकास भी है। उन्होंने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर –
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आधुनिक तकनीक से लैस सीमा चौकियां बनाई जा रही हैं
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BSF को और अधिक सशक्त किया गया है
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अवैध घुसपैठ रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है
इसके साथ ही उन्होंने धेमाजी और आसपास के क्षेत्रों के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाढ़ नियंत्रण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई विकास योजनाओं का जिक्र किया।
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Amit Shah Dhemaji Speech: राजनीतिक संदेश भी पूरी तरह स्पष्ट
राजनीतिक दृष्टि से भी अमित शाह का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। उन्होंने बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टियां घुसपैठियों का समर्थन करती हैं, वे असम के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे –
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राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें
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मजबूत और निर्णायक सरकार को समर्थन दें
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विकास और सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाएं
Amit Shah Dhemaji Speech: जनता में दिखा जबरदस्त उत्साह
धेमाजी की इस विशाल रैली में भारी संख्या में लोग मौजूद थे। ‘भारत माता की जय’ और ‘अमित शाह जिंदाबाद’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। जनसभा में मौजूद लोगों में यह साफ संदेश गया कि केंद्र सरकार असम के मुद्दों को लेकर गंभीर है और कोई भी फैसला आधा-अधूरा नहीं होगा।
कुल मिलाकर, धेमाजी से दिया गया अमित शाह का यह बयान न सिर्फ असम की राजनीति, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आने वाले समय में बड़े फैसलों की भूमिका तैयार करता नजर आ रहा है।
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