Shankaracharya Avimukteshwaranand on Yogi government: मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान को लेकर हुए विवाद के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोला है। शंकराचार्य ने साफ शब्दों में कहा कि अब माफी मांगने का वक्त खत्म हो चुका है और सरकार को अब ठोस फैसले लेने होंगे।
शंकराचार्य ने सरकार के सामने दो बड़ी मांगें रखी हैं। पहली, देश से गौमांस का निर्यात पूरी तरह बंद किया जाए। दूसरी, 40 दिनों के भीतर गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो संत समाज बड़ा आंदोलन करेगा।
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Shankaracharya Avimukteshwaranand on Yogi government:’अब माघ का मुद्दा पीछे छूट गया’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि माघ मेले और स्नान से जुड़ा विवाद अब पीछे छूट चुका है। उन्होंने कहा, ‘हम 11 दिन वहां बैठे रहे। 11 दिन सरकार को मौका दिया। अब माफी की बात खत्म हो चुकी है।’
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनसे माफी मांगने की बजाय उन्हें तरह-तरह के लोभ देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अधिकारी समस्या का समाधान करने की जगह बात को दबाने का प्रयास कर रहे थे।
Shankaracharya Avimukteshwaranand on Yogi government: अब दिल्ली नहीं, लखनऊ से होगा आंदोलन
शंकराचार्य ने साफ कर दिया कि अब वे दिल्ली नहीं जाएंगे, बल्कि लखनऊ को आंदोलन का केंद्र बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 10 और 11 मार्च को संत समाज के साथ लखनऊ पहुंचेंगे।
11 मार्च को संतों के साथ बैठक होगी और वहीं से आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे संत समाज और हिंदू समाज के सम्मान के लिए होगा।
Shankaracharya Avimukteshwaranand on Yogi government: गौमांस निर्यात पर सख्त सवाल
शंकराचार्य ने गौमांस निर्यात को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक तरफ हिंदुत्व की बात की जाती है और दूसरी तरफ गौमाता के मांस का निर्यात किया जा रहा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘गौमाता का मांस बेचकर डॉलर कमाए जाएंगे और फिर रामराज्य की बात होगी?’ उन्होंने कहा कि गौमाता के मांस को भैंस का मांस बताकर बचाव किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है।
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Shankaracharya Avimukteshwaranand on Yogi government: ‘हिंदू होने का प्रमाण देना होगा’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा गया था और 24 घंटे में जवाब देने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने समय पर जवाब दे दिया, लेकिन आज तक उस जवाब को गलत साबित नहीं किया गया।
उन्होंने कहा, ‘अगर मेरा जवाब गलत होता तो उसे काटा जाता। इसका मतलब साफ है कि मेरा जवाब सही था।’ अब उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब उनसे प्रमाण मांगा गया, तो अब सरकार और प्रशासन को भी हिंदू होने का प्रमाण देना होगा।
Shankaracharya Avimukteshwaranand on Yogi government: ‘हिंदुत्व भाषण से नहीं, गौ सेवा से साबित होगा’
शंकराचार्य ने कहा कि हिंदुत्व सिर्फ भाषण देने से साबित नहीं होता। उन्होंने कहा कि हिंदू होने की पहली शर्त गौमाता की रक्षा करना है।उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल करते हुए कहा, ‘आपने गौ सेवा के लिए क्या किया? गौ रक्षा हिंदुत्व का पहला पायदान है।’
उन्होंने साफ कहा कि सरकार को 40 दिन का समय दिया जा रहा है। इस दौरान यह साबित करना होगा कि वह वास्तव में हिंदू और गौभक्त सरकार है।
Shankaracharya Avimukteshwaranand on Yogi government: 40 दिन की चेतावनी
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 40 दिनों के भीतर गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया गया, तो सरकार को ‘छद्म हिंदू’ कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि अब असली हिंदू और नकली हिंदू की पहचान का समय आ गया है। यह लड़ाई सिर्फ स्नान या मेले की नहीं, बल्कि आस्था, सम्मान और हिंदू पहचान की है।
Shankaracharya Avimukteshwaranand on Yogi government: फिर से स्नान पर क्या बोले?
प्रयागराज में दोबारा स्नान के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि अब यह मुद्दा खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि अधिकारी बहुत कुछ कहना चाहते थे, लेकिन खुलकर सामने नहीं आए। उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य साफ है और वह पीछे नहीं हटेंगे।
Shankaracharya Avimukteshwaranand on Yogi government: आगे क्या होगा?
अब पूरे प्रदेश की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या योगी सरकार शंकराचार्य की मांगों पर कोई फैसला लेगी? क्या गौमांस निर्यात पर रोक लगेगी? और क्या 40 दिनों में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाएगा? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे। फिलहाल, संत समाज और सरकार के बीच टकराव और तेज होता नजर आ रहा है।
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