Sonu Sanwaria death: उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मंच पर भजन गाते समय 28 वर्षीय लोक गायक सोनू सांवरिया की अचानक तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। यह घटना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे लोक संगीत जगत के लिए गहरा आघात बन गई है। सोनू बाराबंकी जिले के हैदरगंज बाजार के रहने वाले थे और अपने परिवार के इकलौते बेटे थे।
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Sonu Sanwaria death: भजन संध्या में गाते समय हुई अनहोनी
सोनू सांवरिया अयोध्या में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। गुरुवार को उन्होंने पहले सोहावल क्षेत्र के खिरौनी गांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति दी। इसके बाद देर शाम वे नाका रायबरेली बाईपास स्थित शिव मंदिर में हो रही भजन संध्या में पहुंचे। रात करीब 8 बजे जब सोनू मंच पर भजन गा रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे मंच पर ही गिर पड़े। कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोग समझ ही नहीं पाए कि क्या हुआ है।
Sonu Sanwaria death: अस्पताल पहुंचते-पहुंचते टूट गई उम्मीद
मंच पर गिरते ही कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई। आयोजकों और मौजूद लोगों ने तुरंत सोनू को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के अनुसार, सोनू की हालत अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेहद नाजुक हो चुकी थी। अचानक हुई इस घटना से पूरा कार्यक्रम शोक में बदल गया।
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Sonu Sanwaria death: कम उम्र में बनाई थी बड़ी पहचान
सोनू सांवरिया ने बहुत कम उम्र में संगीत की दुनिया में कदम रखा था। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने कीर्तन मंडली के साथ गाना शुरू किया और अपनी मधुर आवाज़ से लोगों का दिल जीत लिया।
धीरे-धीरे वे भजन, कीर्तन और लोक गीतों के लिए पहचाने जाने लगे। गांव-कस्बों से निकलकर उन्होंने आसपास के जिलों तक अपनी पहचान बनाई। धार्मिक आयोजनों में उनकी मौजूदगी कार्यक्रम की शोभा बढ़ा देती थी।
Sonu Sanwaria death: सादगी और सुरों से जीता लोगों का दिल
सोनू की सबसे बड़ी खासियत उनकी सादगी और आवाज़ की मिठास थी। वे बिना किसी दिखावे के सीधे दिल तक पहुंचने वाले गीत गाते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोनू सिर्फ एक गायक नहीं थे, बल्कि भक्ति और लोक संस्कृति को जीने वाले कलाकार थे। उनके भजन सुनकर श्रोता भावुक हो जाते थे और पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता था।
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Sonu Sanwaria death: परिवार के इकलौते बेटे थे सोनू
बाराबंकी के हैदरगंज गांव के प्रधान राकेश अग्रहरि के अनुसार, सोनू सांवरिया अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके पिता बाहर काम करते हैं और परिवार में उनकी एक विवाहित बहन है। इकलौते बेटे की अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Sonu Sanwaria death: संगीत जगत में शोक की लहर
सोनू की मौत की खबर जैसे ही फैली, वैसे ही संगीत प्रेमियों और स्थानीय कलाकारों में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके गाए भजनों को साझा कर रहे हैं। कई कलाकारों ने कहा कि सोनू जैसे प्रतिभाशाली गायक का इस तरह अचानक चले जाना अपूरणीय क्षति है।
Sonu Sanwaria death: हमेशा याद रहेंगे सुर और भक्ति
सोनू सांवरिया भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़ और उनके भजन हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। उन्होंने कम उम्र में जो पहचान बनाई, वह कई युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनका जाना यह भी याद दिलाता है कि जीवन कितना अनिश्चित है और स्वास्थ्य का ध्यान कितना जरूरी है।
लोक गायक सोनू सांवरिया की अचानक हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। संगीत प्रेमी समाज उन्हें एक सच्चे कलाकार और सादगी भरे इंसान के रूप में हमेशा याद रखेगा।
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