Air India Boeing Dreamliner: टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद एअर इंडिया अपने कायाकल्प की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। फ्लीट अपग्रेड से लेकर केबिन डिजाइन तक, एयरलाइन खुद को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने में जुटी है। इसी कड़ी में एअर इंडिया का नया बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर (Air India Boeing Dreamliner) एक फरवरी से मुंबई-फ्रैंकफर्ट रूट पर उड़ान भरने को तैयार है, लेकिन यह उड़ान पूरी सुविधाओं के बिना शुरू होगी। इसकी वजह किसी तकनीकी खामी से ज्यादा नियामकीय प्रक्रिया है। अमेरिकी विमानन नियामक FAA (Federal Aviation Administration) से कुछ अहम मंजूरियों का इंतजार अभी बाकी है, जिस कारण एअर इंडिया को अस्थायी सीमाओं के साथ इस विमान को संचालन में लाना पड़ रहा है।
Read More: कोलकाता–कामाख्या वंदे भारत स्लीपर, शुरुआत से पहले ही विवादों में, मेन्यू बना मुद्दा
टाटा अधिग्रहण के बाद पहला कस्टम-मेड ड्रीमलाइनर
सूत्रों के अनुसार, यह बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर टाटा समूह के नियंत्रण में आने के बाद एअर इंडिया के बेड़े में शामिल होने वाला पहला कस्टम-डिजाइन विमान है। यह विमान एअर इंडिया के नए ब्रांड विज़न और प्रीमियम अनुभव को दर्शाता है। विमान में कुल 296 सीटें हैं-
- बिजनेस क्लास – 30
- प्रीमियम इकोनॉमी – 28
- इकोनॉमी क्लास – 238
हालांकि, शुरुआती चरण में यात्रियों को इस पूरी क्षमता का लाभ नहीं मिलेगा।

18 इकोनॉमी सीटें रहेंगी ब्लॉक, बिक्री भी नहीं होगी
FAA से अंतिम तकनीकी मंजूरी न मिलने के कारण इकोनॉमी क्लास की 18 सीटों को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया है। इन सीटों की न तो बिक्री होगी और न ही यात्रियों को इन्हें उपयोग करने की अनुमति मिलेगी। एअर इंडिया का कहना है कि यह सीट मॉडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित है और पहले से कई वैश्विक एयरलाइंस में उपयोग किया जा रहा है। लेकिन कुछ नियामकीय व्याख्याओं और प्रक्रियात्मक कारणों से मंजूरी में देरी हो रही है।
बिजनेस क्लास सुइट्स में ‘प्राइवेसी डोर’ फिलहाल बंद
इस ड्रीमलाइनर (Air India Boeing Dreamliner) की सबसे चर्चित खासियत बिजनेस क्लास सुइट्स में स्लाइडिंग प्राइवेसी डोर भी फिलहाल यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं होगी। एअर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि FAA की स्वीकृति लंबित होने के कारण इन प्राइवेसी डोर को खुली स्थिति में ही रखा जाएगा। हालांकि, बिजनेस क्लास की अन्य सभी सुविधाएं पूरी तरह सक्रिय रहेंगी। एयरलाइन प्रवक्ता के अनुसार, ‘हमें उम्मीद है कि यह मंजूरी जल्द मिल जाएगी और यात्रियों को पूरा प्रीमियम अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा।’
सिर्फ नए 787-9 पर लागू होंगी ये सीमाएं
एअर इंडिया ने यह भी साफ किया है कि ये सभी प्रतिबंध केवल नए बोइंग 787-9 विमानों पर लागू होंगे। पहले से रेट्रोफिट किए गए बोइंग 787-8 विमानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। दरअसल, दोनों विमानों के इंटीरियर डिजाइन, सीट कॉन्फ़िगरेशन और सर्टिफिकेशन प्रोसेस अलग-अलग हैं, जिस वजह से नियामकीय मंजूरी की प्रक्रिया भी अलग होती है।
फ्लीट विस्तार की बड़ी योजना पर असर नहीं
फिलहाल एअर इंडिया (Air India Boeing Dreamliner) के बेड़े में 33 बोइंग 787 विमान शामिल हैं. कंपनी की योजना है कि वर्ष 2026 तक फ्लीट को और मजबूत किया जाए। इसमें 3 नए बोइंग 787-9, 2 अत्याधुनिक ए350-1000 विमान शामिल होंगे। उद्योग सूत्रों के मुताबिक, एअर इंडिया अकेली नहीं है। कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी अपने नए ड्रीमलाइनर विमानों में बिजनेस क्लास सीट फीचर्स को लेकर FAA की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं।
नई शुरुआत, लेकिन सतर्क कदमों के साथ
टाटा समूह एअर इंडिया (Air India Boeing Dreamliner) को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में लाने के लिए तेजी से निवेश कर रहा है, लेकिन यह मामला दिखाता है कि एविएशन सेक्टर में नियामकीय मंजूरियां उतनी ही अहम हैं जितनी तकनीक। एअर इंडिया की यह ‘सीमित लेकिन सुरक्षित शुरुआत’ आने वाले समय में पूरी तरह प्रीमियम उड़ान अनुभव में बदलने की तैयारी का संकेत देती है।
Read More: गणतंत्र दिवस पर IPS संदीप सिंह चौहान को मिलेगा महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क सम्मान, राजस्थान पुलिस के लिए गौरवपूर्ण क्षण



