US Iran Tension: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई एक बार फिर दुनिया की नजरों से ओझल हो गए हैं। अमेरिका से मिल रही सीधी धमकियों और संभावित टारगेट किलिंग के खतरे के बीच खामेनेई को फिर से अंडरग्राउंड किया गया है। यह बीते सात महीनों में दूसरी बार है, जब ईरान के सर्वोच्च नेता को सुरक्षा कारणों से बंकर में छिपना पड़ा है।
जून 2025 में इजराइल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य हमलों के दौरान खामेनेई 21 दिनों तक बंकर में छिपे रहे थे। अब एक बार फिर अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर है और इसी के चलते ईरानी सत्ता के सबसे ताकतवर चेहरे को तेहरान के पास एक गुप्त अंडरग्राउंड बंकर में शिफ्ट किया गया है।
अमेरिकी धमकी के बाद उठाया गया बड़ा कदम
बीबीसी फारसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति की ओर से खामेनेई को लेकर बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। कहा गया कि खामेनेई का अंजाम भी कासिम सुलेमानी या आईएस प्रमुख अबू बक्र अल बगदादी जैसा हो सकता है। इसी चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर को हाई-सिक्योरिटी बंकर में भेज दिया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर खामेनेई पर हमला हुआ, तो ईरान इसे सीधे-सीधे युद्ध की घोषणा मानेगा।
US Iran Tension-तेहरान के पास गुप्त बंकर में छिपे खामेनेई
सूत्रों के अनुसार, खामेनेई फिलहाल तेहरान के आसपास स्थित एक अत्याधुनिक अंडरग्राउंड बंकर में हैं। जून 2025 में भी इसी तरह उन्हें परिवार समेत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था। हालांकि ईरानी सरकार ने अब तक बंकर की लोकेशन या सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, 17 जनवरी 2026 को खामेनेई आखिरी बार सार्वजनिक रूप से नजर आए थे। उस दिन उन्होंने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ तीखा भाषण दिया था और हालिया प्रदर्शनों में घायल हुए लोगों से भी मुलाकात की थी।
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US Iran Tension- अमेरिका से इतना डर क्यों?
अमेरिका द्वारा हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को काराकास से उठाकर अमेरिका ले जाने की घटना ने ईरान की चिंता और बढ़ा दी है। मादुरो को उनके घर से गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे अमेरिकी जेल में हैं। अमेरिका ने उन पर ड्रग कार्टेल चलाने का आरोप लगाया है।ईरान को डर है कि अमेरिका इसी तरह की कोई कार्रवाई खामेनेई के खिलाफ भी कर सकता है।

US Iran Tension-खामेनेई अमेरिका के निशाने पर क्यों हैं?
ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में अंतिम निर्णय का अधिकार सुप्रीम लीडर के पास होता है। सेना, न्यायपालिका और सरकार भी खामेनेई के अधीन हैं। अमेरिका जानता है कि अगर ईरानी शासन को कमजोर करना है, तो खामेनेई को निशाना बनाना सबसे अहम होगा। खामेनेई अमेरिका को खुले तौर पर ‘शैतान” कहते रहे हैं। 2016 की न्यूक्लियर डील का भी उन्होंने कड़ा विरोध किया था। यही वजह है कि वे वॉशिंगटन की हिट-लिस्ट में हमेशा बने रहते हैं।
US Iran Tension- ईरान की चारों तरफ से घेराबंदी
भले ही दिसंबर में शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन अब शांत हो चुके हों, लेकिन ईरान पर सैन्य खतरा अब भी टला नहीं है। अमेरिका ने यूएसएस अब्राहम जैसे शक्तिशाली युद्धपोत को मलक्का की खाड़ी में तैनात कर दिया है। फ्लाइट रडार डेटा के अनुसार, अमेरिका ने 12 F-15 फाइटर जेट जॉर्डन में तैनात किए हैं। जून 2025 में इजराइल ने जॉर्डन की मदद से ही ईरान पर पहला बड़ा हमला किया था।
खामेनेई का बार-बार अंडरग्राउंड होना इस बात का साफ संकेत है कि ईरान-अमेरिका टकराव बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में मध्य-पूर्व में हालात और बिगड़ सकते हैं, जिसका असर पूरी दुनिया की राजनीति और सुरक्षा पर पड़ना तय है।



