Saina Nehwal Retirement:भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने अपने बैडमिंटन करियर से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 35 साल की साइना लंबे समय से घुटने की पुरानी चोट से जूझ रही थीं। पिछले दो साल से वह कोर्ट से दूर थीं। 2023 में सिंगापुर ओपन में उनका आखिरी मैच खेला गया था। अब उनके शरीर की हालत को देखते हुए खेल को अलविदा कहना उनके लिए जरूरी हो गया।
साइना ने कहा कि उन्होंने बैडमिंटन अपने नियमों के अनुसार खेला और अब अपनी शर्तों पर ही विदाई ले रही हैं। उनका कहना है कि औपचारिक घोषणा की जरूरत नहीं थी, क्योंकि उनके खेल से दूरी ने सब कुछ बता दिया।
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Saina Nehwal Retirement: साइना ने क्यों लिया संन्यास?
साइना (Saina Nehwal) ने अपने संन्यास का कारण बताते हुए कहा, ‘मेरी कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुकी है। मुझे घुटनों में अर्थराइटिस है। दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने के लिए रोज 8–9 घंटे ट्रेनिंग करनी पड़ती है, लेकिन मेरा घुटना अब 1–2 घंटे में ही जवाब देने लगता था। सूजन आ जाती थी और उसके बाद ट्रेनिंग करना बेहद मुश्किल हो जाता था। तब मुझे लगा कि अब बस बहुत हो गया है, मैं इसे और आगे नहीं बढ़ा सकती।’
साइना के करियर पर 2016 रियो ओलंपिक में लगी गंभीर घुटने की चोट का गहरा असर पड़ा। हालांकि, उन्होंने 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर जोरदार वापसी की थी। लेकिन बार-बार घुटने की परेशानी उनके खेल में बाधा बनी रही।
Saina Nehwal Retirement: आखिरी मैच और संन्यास का ऐलान
साइना नेहवाल एक पॉडकास्ट में कहा, ‘मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मुझे लगा कि मैंने अपनी शर्तों पर खेल शुरू किया और अपनी शर्तों पर ही छोड़ा। इसलिए अलग से संन्यास की घोषणा करने की जरूरत नहीं थी। अगर आप अब खेलने लायक नहीं हैं, तो बात वहीं खत्म हो जाती है।’ उनका आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच 2023 सिंगापुर ओपन में खेला गया। इसके बाद से वह घुटने की चोट और शारीरिक समस्याओं की वजह से खेल से दूर रही।
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Saina Nehwal Retirement: ओलंपिक और करियर की उपलब्धियां
साइना नेहवाल ने 2012 लंदन ओलंपिक (London Olympic) में भारत को बैडमिंटन में पहला ओलंपिक पदक (ब्रॉन्ज) दिलाया। इसके अलावा उन्होंने वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप, एशियन चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स (asian game) और वर्ल्ड चैंपियनशिप (world championship) सहित कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया।
साइना ने वर्ल्ड नंबर-1 का खिताब भी जीता और अर्जुन अवार्ड, मेजर ध्यानचंद अवार्ड, पद्मश्री और पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित हुईं। उनके करियर में कुल 18 अंतरराष्ट्रीय मेडल शामिल हैं।
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Saina Nehwal Retirement: भावुक विदाई और भविष्य की बात
साइना ने कहा, ‘मुझे नहीं लगा कि संन्यास की घोषणा करना इतनी बड़ी बात है। मुझे बस लगा कि मेरा समय पूरा हो गया है, क्योंकि मेरा घुटना पहले की तरह साथ नहीं दे रहा था। धीरे-धीरे लोगों को भी समझ आ जाएगा कि साइना अब नहीं खेल रही है।’
साइना ने अपने करियर में जितना सम्मान और प्यार भारतीय खेल जगत से पाया, वह हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। उनके संघर्ष और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरक कहानी हैं।
साइना ने स्पष्ट किया कि अब उनका ध्यान फिटनेस, बैडमिंटन के बढ़ावे और खेल के विकास की दिशा में काम करने पर रहेगा। वह युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन और बैडमिंटन के प्रचार-प्रसार में सक्रिय रहेंगी।
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