Mayawati Press Conference: लखनऊ स्थित बहुजन समाज पार्टी (BSP) कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पार्टी सुप्रीमो मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। मौका था मायावती के जन्मदिन का, जिस अवसर पर वह मीडिया को संबोधित करने पहुंची थीं। जैसे ही कॉन्फ्रेंस हॉल में धुआं उठता दिखाई दिया, तुरंत अग्निशमन यंत्र का इस्तेमाल किया गया।
हालांकि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन हालात को देखते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस को बीच में ही समाप्त कर दिया गया। मायावती मीडिया के सवाल लिए बिना ही हॉल से बाहर निकल गईं। यह घटना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
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Mayawati Press Conference: प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोल रही थीं मायावती?
शॉर्ट सर्किट की घटना से पहले मायावती पार्टी की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति पर बात कर रही थीं। उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये दोनों पार्टियां बीएसपी के आंदोलन को कमजोर करने के लिए लगातार साजिशें करती रहती हैं।
मायावती ने कहा कि आगामी चुनावों में बीएसपी को दलितों और अल्पसंख्यकों का भरपूर समर्थन मिलेगा, जबकि समाजवादी पार्टी का पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सिर्फ देखता रह जाएगा।
Mayawati Press Conference: ब्राह्मणों पर अत्याचार न हो, BSP की सरकार जरूरी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती का सबसे बड़ा फोकस ब्राह्मण समाज पर रहा। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को किसी का ‘बाटी-चोखा’ खाने की जरूरत नहीं है। ब्राह्मण समाज पर किसी भी तरह का अत्याचार न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश में बीएसपी की सरकार बनना जरूरी है।
उन्होंने दावा किया कि बीएसपी ने हमेशा ब्राह्मण समाज को सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया है। ब्राह्मण समाज के विधायकों के साथ हुई बैठकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ब्राह्मणों की उपेक्षा को लेकर गंभीर है।
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Mayawati Press Conference: ब्राह्मणों को किसी के बहकावे में न आने की अपील
मायावती ने साफ शब्दों में कहा कि ब्राह्मणों को बीजेपी, समाजवादी पार्टी या कांग्रेस के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को किसी की खैरात नहीं चाहिए, बल्कि सम्मानजनक भागीदारी चाहिए, जो सिर्फ बीएसपी दे सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब बीएसपी की सरकार बनेगी, तो सिर्फ ब्राह्मण ही नहीं बल्कि क्षत्रिय, जाट, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
Mayawati Press Conference: हमारी सरकार में कभी धार्मिक ढांचे नहीं तोड़े गए
धार्मिक सौहार्द पर बात करते हुए मायावती ने कहा कि बीएसपी सरकार के कार्यकाल में कभी किसी मंदिर, मस्जिद या चर्च को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने इसे अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में धर्म और जाति आधारित मुद्दे फिर से गर्मा रहे हैं।
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Mayawati Press Conference: 2007 की सोशल इंजीनियरिंग और ब्राह्मण कार्ड
मायावती ने एक बार फिर 2007 के अपने चर्चित ‘सोशल इंजीनियरिंग’ प्रयोग की याद दिला दी है। उस चुनाव में बीएसपी ने 86 विधानसभा सीटों पर ब्राह्मण उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी का नारा बना था ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा, हाथी आगे बढ़ेगा।’
मायावती ने कहा कि हाथी केवल एक चुनाव चिह्न नहीं है, बल्कि यह ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक है। उस रणनीति का असर यह हुआ कि 41 ब्राह्मण उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचे और बीएसपी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई।
Mayawati Press Conference: क्या 2027 में दोहराया जाएगा वही प्रयोग?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मायावती एक बार फिर उसी सोशल इंजीनियरिंग मॉडल को दोहराने की कोशिश कर रही हैं। ब्राह्मणों, दलितों और अन्य जातियों को एक मंच पर लाकर बीएसपी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की रणनीति पर काम कर रही है।
हालांकि सवाल यह है कि बदलते राजनीतिक समीकरणों में क्या 2007 वाला जादू फिर चल पाएगा, या यह सिर्फ एक सियासी दांव बनकर रह जाएगा?
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