Indian Railways Advisory : मकर संक्रांति के मौके पर शहर में होने वाली पतंगबाजी कहीं ट्रेनों और मेट्रो की रफ्तार पर ब्रेक न लगा दे, इसे लेकर रेलवे और मेट्रो प्रशासन अलर्ट हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए Indian Railways और मेट्रो प्रशासन ने लोगों से खास अपील की है कि वे रेल लाइन और मेट्रो कॉरिडोर के आसपास पतंगबाजी न करें।
प्रशासन का कहना है कि पतंग की डोर अगर ओवरहेड इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट (OHE) के संपर्क में आ जाती है, तो ट्रिपिंग हो जाती है। इससे ट्रेन और मेट्रो का संचालन 15 से 20 मिनट तक पूरी तरह बाधित हो सकता है, जिसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ता है।
पतंग की डोर से कैसे रुक जाती है ट्रेन और मेट्रो? (Indian Railways Advisory)
रेलवे और मेट्रो दोनों ही ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन के जरिए संचालित होते हैं। इन लाइनों में अत्यधिक उच्च वोल्टेज प्रवाहित होता है। पतंग उड़ाने के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली डोर, खासकर चाइनीज मांझा या धातु मिश्रित तार, अगर इन लाइनों से टकरा जाए तो तुरंत OHE ट्रिप हो जाती है।
इस स्थिति में सुरक्षा कारणों से पूरे सेक्शन की बिजली काट दी जाती है, जिससे ट्रेनें और मेट्रो वहीं रुक जाती हैं। इसका नतीजा यह होता है कि यात्रियों को देरी, भीड़ और असुविधा का सामना करना पड़ता है।

25 हजार वोल्ट का करंट, जानलेवा हो सकता है संपर्क (Indian Railways Advisory)
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि रेलवे की ओवरहेड विद्युत लाइन में लगभग 25,000 वोल्ट का हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित होता है। ऐसे में पतंग की डोर या उसे पकड़ने की कोशिश करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कई बार लोग पतंग को बचाने या पकड़ने के चक्कर में रेलवे ट्रैक या ओएचई के बेहद करीब पहुंच जाते हैं, जिससे झुलसने या गंभीर हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
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रेलवे ने जारी की सुरक्षा संबंधी गाइडलाइन (Indian Railways Advisory)
रेलवे प्रशासन ने जनहित और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ अहम निर्देश जारी किए हैं-
- रेलवे लाइन, ट्रैक और ओएचई के पास पतंग न उड़ाएं
- बच्चों को रेलवे क्षेत्र में खेलने या पतंग उड़ाने से रोकें
- रेलवे ट्रैक पर बैठने, चलने या मोबाइल-हेडफोन का इस्तेमाल न करें
- पतंग की डोर को खींचने या पकड़ने के लिए खंभों और तारों के पास न जाएं
रेलवे का साफ कहना है कि थोड़ी-सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
मेट्रो प्रशासन भी अलर्ट, यात्रियों से सहयोग की अपील
रेलवे के साथ-साथ मेट्रो प्रशासन ने भी लोगों से जिम्मेदारी दिखाने की अपील की है। Lucknow Metro Rail Corporation ने कहा है कि मेट्रो कॉरिडोर के आसपास पतंग उड़ाने से पहले भी परिचालन प्रभावित हो चुका है।
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, पतंग की डोर मेट्रो के बिजली तंत्र में फंसने से ट्रेनें रुक जाती हैं, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। त्योहार के दिन यात्रियों की संख्या पहले से ही ज्यादा होती है, ऐसे में किसी भी तरह की बाधा परेशानी को और बढ़ा सकती है।
त्योहार मनाएं, लेकिन सुरक्षा के साथ
मकर संक्रांति खुशियों और उल्लास का पर्व है। पतंगबाजी इसकी पहचान जरूर है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि त्योहार मनाते समय सार्वजनिक सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। थोड़ी-सी सावधानी न सिर्फ आपकी, बल्कि हजारों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
रेलवे और मेट्रो की अपील साफ है-पतंगबाजी का आनंद लें, लेकिन रेल लाइन और मेट्रो कॉरिडोर से दूर रहकर। आपकी एक लापरवाही ट्रेनों और मेट्रो की रफ्तार रोक सकती है और किसी बड़े हादसे की वजह भी बन सकती है। सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाना ही सच्ची समझदारी है।
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