Mission Pragati Punjab: युवाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में पंजाब सरकार ने एक और मजबूत पहल की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को बठिंडा की जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति (Mission Pragati Punjab) के तहत नामांकित विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को सिर्फ नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है।
यह पहल विशेष रूप से उन ग्रामीण और मेधावी विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई है, जो संसाधनों के अभाव में प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी नहीं कर पाते।
Read More: अब दुश्मन के छूटेंगे पसीने, लॉन्च होने जा रहा है ISRO का PSLV-C62 मिशन
ठंड में भी उत्साह, उज्ज्वल भविष्य का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए इस कार्यक्रम को पंजाब के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत बताया।
उन्होंने कहा कि जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के अंतर्गत शुरू किया गया यह कोचिंग कार्यक्रम एसएसबी, पुलिस, सशस्त्र बलों और अन्य केंद्रीय व राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह मुफ्त है।

अनुभवी प्रशिक्षकों से अकादमिक और शारीरिक प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि मिशन प्रगति (Mission Pragati Punjab) के पहले बैच में 40 विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अकादमिक विषयों की गहन कोचिंग, शारीरिक फिटनेस का विशेष प्रशिक्षण दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। शारीरिक प्रशिक्षण पंजाब पुलिस और सी-पाइट (C-PYTE) के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा सी-पाइट मैदान में दिया जा रहा है, ताकि अभ्यर्थी शारीरिक रूप से भी पूरी तरह तैयार हो सकें।
Read More: भारत में लॉन्च से पहले सामने आए फीचर्स और वेरिएंट डिटेल्स
Mission Pragati Punjab: महंगी किताबें अब बाधा नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सबसे बड़ी समस्या महंगी किताबें और अध्ययन सामग्री होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए:
- विद्यार्थियों को जिला पुस्तकालय का सदस्य बनाया जाएगा
- सभी जरूरी और महंगी पुस्तकें मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी
उन्होंने बताया कि यह पहल मौजूदा बुनियादी ढांचे का उपयोग करके शुरू की गई है, जिससे सरकार को अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं उठाना पड़ रहा।
‘युवाओं की मदद करने वाले युवाओं’ का मॉडल
मिशन प्रगति (Mission Pragati Punjab) की संरचना को बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक शिक्षक-मार्गदर्शक मॉडल पर आधारित है। इसमें फैकल्टी सदस्य वे युवा हैं, जो स्वयं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों, पुलिस और प्रशासन, खिलाड़ियों और समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग से एक समुदाय-संचालित और सहयोगात्मक मॉडल बन चुका है।
Read More: भारत में सोना महंगा, वेनेजुएला में चाय जितना सस्ता! जानिए भारत लाने के नियम और लिमिट
‘कोई भी पीछे न रहे’ का संकल्प
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि मिशन प्रगति का मूल मंत्र है ‘कोई भी पीछे न रहे’। इसका उद्देश्य है युवाओं का सशक्तिकरण, समान शैक्षिक अवसर, सरकारी सेवाओं में बठिंडा और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाना। यह पहल सामाजिक समानता और अवसर की बराबरी की दिशा में एक मजबूत कदम है।
Mission Pragati Punjab: पंजाब में शिक्षा क्रांति का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक नई शिक्षा क्रांति के दौर से गुजर रहा है। युवाओं को रोजगार देने के लिए जहां सरकार अभूतपूर्व कदम उठा रही है, वहीं उनकी ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम समानांतर रूप से चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के सपनों के लिए एक ‘रनवे’ तैयार कर रही है, ताकि वे बिना किसी रुकावट के उड़ान भर सकें।
अतीत की गलतियों से सीख, भविष्य की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने अतीत को याद करते हुए कहा कि कभी गलत नीतियों के कारण गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित रखा गया। लेकिन अब राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पंजाब का कोई भी बच्चा अपने सपनों से वंचित न रहे और वह शिक्षा व मेहनत के दम पर नई ऊंचाइयों को छू सके।
ये भी पढ़ें- मानो या न मानो, बदलती जीवनशैली के साथ क्यों बदल रहा है शुभ मुहूर्त का अर्थ?



