Pushkar Singh Dhami Statement: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति और समाज में उबाल जारी है। इस बीच CM Pushkar Singh Dhami Statement दिया है कि इस जघन्य मामले में किसी भी दोषी को किसी भी सूरत में राहत नहीं दी जाएगी। सीएम धामी ने दो टूक कहा कि ‘अंकिता हमारी बेटी है और उसे न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।’
मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को बेहद संवेदनशीलता और गंभीरता से देख रही है। उन्होंने साफ किया कि जांच प्रक्रिया में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी और कानून अपना काम करेगा, चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
‘काम करने वाला चाहे कोई भी हो, बचेगा नहीं’
CM Pushkar Singh Dhami Statement कि इस केस में पहले ही त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें अदालत से उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा चुकी है। उन्होंने कहा, “जो भी इस अपराध में शामिल है, वो किसी भी हालत में बच नहीं पाएगा। सरकार का रुख बिल्कुल साफ है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर कुछ लोग बेवजह राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे प्रदेश का माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने अपील की कि संवेदनशील मामलों में जिम्मेदारी से बात की जानी चाहिए।
वायरल ऑडियो की SIT जांच जारी
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वायरल ऑडियो को लेकर पूछे गए सवाल पर CM Pushkar Singh Dhami Statement कि इसकी भी गंभीरता से जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि मामले के हर पहलू की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है, जिसकी अगुवाई एक महिला आईपीएस अधिकारी कर रही हैं।
READ MORE: कांग्रेस का दबाव तेज, रुद्रप्रयाग से सीबीआई जांच की मांग, भाजपा पर गंभीर आरोप
सीएम ने कहा कि ऑडियो में कई ऐसी बातें हैं, जो प्रथम दृष्टया सही नहीं लगतीं। कहीं हत्या की बात कही जा रही है, तो कहीं आत्महत्या का जिक्र है। ऐसे विरोधाभासी बयानों के बीच सरकार किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक और तकनीकी जांच को प्राथमिकता दे रही है।
फॉरेंसिक जांच पर सरकार का फोकस
CM Pushkar Singh Dhami Statement स्पष्ट किया कि वायरल ऑडियो और उससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की मदद ली जा रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा, ताकि किसी निर्दोष को फंसाया न जाए और दोषी बच न सके। सीएम धामी ने कहा कि सरकार हर स्तर पर जांच के लिए तैयार है और यदि जरूरत पड़ी तो अन्य एजेंसियों की मदद भी ली जाएगी।
उत्तराखंड की बड़ी खबर देखने के लिये क्लिक करे
‘अंकिता हमारी बेटी है’ – भावुक हुए सीएम
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, ‘अंकिता हमारी बेटी है। हम भी चाहते हैं कि उसे पूरा न्याय मिले।’ उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले में पीड़ित परिवार की भावनाओं का पूरा सम्मान करेगी।
सीएम ने यह भी कहा कि वे जल्द ही अंकिता भंडारी के माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से बात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार की जो भी इच्छा होगी, उसके अनुरूप जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि उन्हें न्याय का भरोसा मिल सके।
Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
पार्टी नेताओं पर भी कार्रवाई के संकेत
इस केस में यदि किसी राजनीतिक व्यक्ति या पार्टी से जुड़े नेता का नाम सामने आता है, तो उस पर कार्रवाई के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के किसी नेता की भूमिका सामने आती है, तो यह पार्टी का आंतरिक मामला भी होगा और संगठन स्तर पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी को भी बचाने का काम नहीं करेगी और न ही दबाव में कोई फैसला लिया जाएगा।
ऑडियो विवाद को बताया व्यक्तिगत मामला
सीएम धामी ने सुरेश राठौर और दुष्यंत गौतम से जुड़े ऑडियो विवाद पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह दोनों व्यक्तियों का निजी मामला है, जिसकी जांच की जा रही है। हालांकि, उन्होंने सुरेश राठौर से अपील की कि वे सामने आकर इस मामले में तथ्य रखें, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
READ MORE: कांग्रेस का दबाव तेज, रुद्रप्रयाग से सीबीआई जांच की मांग, भाजपा पर गंभीर आरोप
राज्य का माहौल बिगाड़ने की कोशिशों पर नाराजगी
CM Pushkar Singh Dhami Statement में कुछ लोग जानबूझकर इस संवेदनशील मामले को लेकर राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार न्याय के रास्ते पर है और किसी भी तरह के दबाव या अफवाहों से प्रभावित नहीं होगी।
सरकार का स्पष्ट संदेश
कुल मिलाकर, CM Pushkar Singh Dhami Statement में बिल्कुल साफ है- अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार तकनीकी, कानूनी और मानवीय हर स्तर पर जांच कर रही है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में यह संदेश जाए कि अपराध कितना भी बड़ा या प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है।



