UP voter list 2026: उत्तर प्रदेश में वोट देने वाले नागरिकों के लिए एक अहम और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट मतदाता सूची 2026 जारी कर दी है। इस सूची में पूरे प्रदेश से करीब 2 करोड़ 88 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने के बाद आम लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं और वोट डालते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। संभव है कि आपका नाम भी नई सूची में न हो।
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वोटर लिस्ट अपडेट क्यों की गई?
चुनाव आयोग ने बताया है कि यह प्रक्रिया विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत की गई है। इसका मकसद मतदाता सूची को सही, साफ और भरोसेमंद बनाना है। इस अभियान की जिम्मेदारी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के पास थी।
आयोग के अनुसार, जिन नामों को हटाया गया है, उनमें शामिल हैं-
● वे लोग जो अब उस पते पर नहीं रहते
● जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है
● जिनके नाम एक से अधिक जगह दर्ज पाए गए
चुनाव आयोग का कहना है कि यह कदम किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि फर्जी और गलत एंट्री हटाने के लिए उठाया गया है।
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शहरों में ज्यादा असर क्यों पड़ा?
नई ड्राफ्ट लिस्ट के आंकड़े बताते हैं कि शहरी इलाकों में सबसे ज्यादा नाम हटाए गए हैं। बड़ी आबादी, बार-बार पता बदलना और डुप्लीकेट एंट्री इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है।
कुछ प्रमुख जिलों में हटाए गए नाम-
लखनऊ – 12 लाख से ज्यादा
प्रयागराज – 11.56 लाख
कानपुर – 9 लाख से अधिक
आगरा – 8.36 लाख
गाजियाबाद – 8.18 लाख
मेरठ – 6.65 लाख
गोरखपुर – 6.45 लाख
वाराणसी – 5.73 लाख
नोएडा – 4.47 लाख
इन आंकड़ों ने शहरी मतदाताओं को सबसे ज्यादा सतर्क कर दिया है।
अगर लिस्ट में नाम नहीं मिले तो क्या करें?
अगर आपने अभी तक अपना नाम नहीं देखा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने सुधार का पूरा मौका दिया है।
आप ये आसान कदम अपनाएं-
● चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
● वोटर आईडी नंबर (EPIC) से नाम खोजें
● अपने इलाके के BLO से संपर्क करें
● अगर नाम नहीं है, तो तय फॉर्म भरकर आवेदन करें
समय रहते सुधार कराने से आपका नाम फिर से जोड़ा जा सकता है।
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वोटर लिस्ट से नाम हटने के नुकसान
मतदाता सूची में नाम न होना सिर्फ वोट न डाल पाने की समस्या नहीं है। इससे-
● आपका संवैधानिक अधिकार प्रभावित होता है
● सरकारी योजनाओं में दिक्कत आ सकती है
● पहचान से जुड़े कई काम रुक सकते हैं
● इसलिए हर मतदाता के लिए नाम जांचना बेहद जरूरी है।
तारीखें क्यों बदलती रहीं?
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में करोड़ों रिकॉर्ड की जांच आसान नहीं थी। इसी वजह से ड्राफ्ट सूची की तारीख कई बार बदली गई-
पहले तय तारीख – 12 दिसंबर
फिर बढ़ाकर – 26 दिसंबर
इसके बाद – 31 दिसंबर
आखिरकार सूची – 6 जनवरी को जारी हुई
हालांकि अधिकारियों को निर्देश थे कि कोई असली वोटर न छूटे, फिर भी आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं।
राजनीति में भी हलचल
इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने के बाद राजनीतिक हलकों में भी सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि यह सिर्फ तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि गंभीर चूक हो सकती है। खासकर बड़े शहरों में हुई भारी कटौती पर चर्चा तेज हो गई है।
आज ही अपना नाम जांचें
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है। इसलिए देर न करें। आज ही अपना वोटर स्टेटस जांचें, ताकि भविष्य में वोट डालते समय कोई परेशानी न हो। याद रखें, वोट देना आपका हक है और इसे सुरक्षित रखना आपकी जिम्मेदारी भी है।



