15th Vice President : भारत के 15वें उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को सिर्फ एक दिन शेष है। ऐसे में आप लोगों के मन में सवाल तो आया ही होगा कि कौन होगा भारत का 15वां उपराष्ट्रपति। उपराष्ट्रपति पद के चुनावों की तैयारियां तो चल रही है।
लेकिन इसे लेकर एनडीए और विपक्षी संगठनों के न तो एक दूसरे पर बयान सामने आ रहे है और न ही कोई पार्टी इन चुनावों पर ज्यादा तवज्जो दे रही है। इससे बेहतर चुनावी मौसम तो बिहार में बना हुआ है। तो आपने कभी तो यह सोचा होगा कि क्या वजह हैं कि भारत के उपराष्ट्रपति पद के चुनावों को कम तवज्जो दी जा रही है।
15th Vice President : क्या हैं वजह ?
आमतौर पर उपराष्ट्रपति का चुनाव बेहद बोर करने वाले होता है। इन चुनावों में कुल मतों की संख्या 782 है जिसमें से जीतने के लिए 391 मत आवश्यक है। कुल मिलाकर ऐसे 48 वोट है जो किसी के भी पक्ष में नहीं है। न तो वह एनडीए को सपोर्ट कर रहे है और न ही वह इंडिया गठबंधन को सपोर्ट कर रहे है।

15th Vice President : किसके पक्ष में कितने मत ?
एनडीए के पास मतों की कुल संख्या 422 है जो जीतने के लिए जरुरी मतों से 31 ज्यादा है। तो वही एनडीए के पास कुल मतों की संख्या 312 है। इससे साफ है कि जीत एनडीए को ही मिलेगी लेकिन अगर चुनावों में थोड़ी भी क्रॉस वोटिंग होती है यानी एनडीए के स्पोर्ट्स ने यदि इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार को अपना मत किसी भी कारण से दे दिया तो ऐसे में इंडिया गठबंधन की जीत निश्चित हो जांएगी।
यदि ऐसा कुछ भी होता है तो राज्यसभा में एनडीए को किसी भी विषय पर अपना पक्ष रखने के लिए बेहद परेशानी का सामना करना पड़ेगा क्योंकि इंडिया ब्लॉग का उम्मीदवार उन्हें जाहिर सी बात है कि महत्तव कम देगा। फिलहाल तो एनडीए के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी से कोसों आगे है।
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