ITMS Phase 2 : गाजियाबाद शहर में बढ़ते ट्रैफिक और सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के दूसरे चरण पर काम शुरू हो गया है।
इस पहल का उद्देश्य ट्रैफिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाना, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसना और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है। ITMS के तहत स्थापित होने वाला स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल रूम शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ITMS Phase 2 : हाई-टेक्नोलॉजी कैमरे, सेंसर और ऑटोमेटेड सिस्टम लगाए जाऐंगे
ITMS के दूसरे चरण में शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर हाई-टेक्नोलॉजी कैमरे, सेंसर और ऑटोमेटेड सिस्टम लगाए जा रहे हैं। ये उपकरण ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन जैसे लाल बत्ती तोड़ना, तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना और गलत पार्किंग करने वालों की पहचान करेंगे। विशेष रूप से, यह सिस्टम सड़क दुर्घटना के बाद भागने वाले चालकों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल रूम में रियल-टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा होगी, जिसके माध्यम से पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकेगी।

ITMS Phase 2 : नंबर प्लेट स्कैन कर मिलेगी मालिक की जानकारी
ITMS के पहले चरण में गाजियाबाद के कुछ हिस्सों में कैमरे और सिग्नल सिस्टम लगाए गए थे, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। अब दूसरे चरण में इसे और विस्तार दिया जा रहा है, जिसमें शहर के सभी प्रमुख मार्गों को कवर करने की योजना है। स्मार्ट कंट्रोल रूम में एकीकृत डेटाबेस होगा, जो वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन करके उनके मालिक की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराएगा। इससे हिट-एंड-रन जैसी घटनाओं में शामिल वाहनों को ट्रैक करना आसान होगा।
ITMS Phase 2 : नागरिक सुरक्षा में मिलेगी मदद
स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि ITMS न केवल ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार करेगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा। इसके अलावा, यह सिस्टम ट्रैफिक जाम की स्थिति को कम करने में भी सहायक होगा, क्योंकि रियल-टाइम डेटा के आधार पर सिग्नल टाइमिंग को समायोजित किया जा सकेगा।
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