America Tariff: अमेरिकी दबाव के चलते भारत ने अब एक नया रास्ता चुना है। भारत अब दुनिया के सबसे ताकतवर व्यापार संगठन (RCEP) का सदस्य बनने जा रहा है। इस संगठन में पूर्वी एशिया के 15 देश शामिल है।
बता दें कि आज से लगभग पांच वर्ष पहले भारत इस संगठन की सदस्यता छोड़ चुका था। लेकिन अमेरिकी टेरिफ नीति के चलते भारत अब इस संगठन में शामिल होने के बारे में गहनता से सोच रहा है।
America Tariff : 27 अगस्त से बढ़ेगी मुश्किले
अमेरिका ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया है जबकि अतिरिक्त 25% टैरिफ 27 अगस्त से लगाने की चेतावनी ट्रंप सरकार ने दी है। जिसके बाद भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा। इसी का तोड़ भारत सरकार तलाश रही है। भारत पर 50% टैरिफ लगने के बाद देश के निर्यातकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिसका असर जीडीपी सहित परोक्ष रुप से भारत के निर्यात पर पड़ेगा। हाल ही में भारत सरकार इसकी काट तलाशने में लगी है।

भारत-चीन संबंध हो रहे मजबूत
भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने संकेत दिया है कि भारत दोबारा से पूर्वी व्यापार संगठन (RCEP) का सदस्य बन सकता है। हाल ही में अमेरिका के द्वारा टैरिफ लगाकर दबाव की नीति अपनाई जा रही है। जिसके फलस्वरूप पांच साल पहले खराब हो चुके भारत और चीन के रिश्ते काफी मजबूत हुए है। साथ ही भारत और रूस के बीच में भी विश्वास की डोर मजबूत हुई है। RCEP की सदस्यता लेने के बाद भारत दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन का सदस्य होगा जिसमें 15 देश शामिल हैं।
बौखला रहा अमेरिका
गौरतलब है कि भारत ने 5 वर्ष पहले (RCEP) की सदस्यता छोड़ दी थी उसे दौरान भारत ने अपने मध्यम वर्गीय व्यापारियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए सदस्यता छोड़ दी थी। लेकिन अब दोबारा भारत सदस्यता लेने पर विचार कर रहा है। भारत के इस कदम से अमेरिका बौखला गया है क्योंकि पूर्वी एशिया में चीन को काउंटर करने के लिए अमेरिका भारत को अपना एक महत्वपूर्ण सहयोगी मानता है। लेकिन अमेरिका की टैरिफ नीतियों के कारण अब भारत अपने व्यापारिक साझीदार बदल रहा है। जिसके चलते भारत और अमेरिका के बीच की दूरी बढ़ाने के संकेत मिल रहे है।
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