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आसमा से गिरे Chinese manje ने काटी युवक की गर्दन

Chinese manje

गाजियाबाद के मोदीनगर के निवाडी थाना क्षेत्र में Chinese manje ने एक बार फिर अपना कहर बरपाया। बीती रात 25 वर्षीय युवक अंकुर की गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आने से बुरी तरह कट गई।

गंभीर हालत में उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। यह घटना न केवल दुखद है, बल्कि शहर में चाइनीज मांझे के अवैध उपयोग और प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर करती है।

पक्षियों और पर्यावरण के लिए घातक

चाइनीज मांझा, जो अपनी तीक्ष्णता और खतरनाक प्रकृति के लिए कुख्यात है, पहले भी कई लोगों की जान ले चुका है। गाजियाबाद में इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां मांझे की चपेट में आने से लोग घायल हुए या उनकी जान गई। इसके बावजूद, स्थानीय बाजारों में चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है। प्रशासन ने इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए कई बार सख्ती दिखाने का दावा किया, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। दुकानों पर आसानी से उपलब्ध यह मांझा न केवल इंसानों, बल्कि पक्षियों और पर्यावरण के लिए भी घातक साबित हो रहा है।

Chinese manje
Chinese manje

प्रतिबंधित मांझा कैसे मिल रहा बाजार मे ?

अंकुर के साथ हुई इस ताजा घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। निवासियों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता और निगरानी की कमी के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। सवाल यह उठता है कि जब चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध है, तो यह बाजार में कैसे उपलब्ध है? क्या पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इसकी बिक्री पर नजर रखने में नाकाम रहे हैं? इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।

लापरवाही क्यों बरत रहा प्रशासन ?

चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके साथ ही, दोषी दुकानदारों और सप्लायर्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। प्रशासन को चाहिए कि वह बाजारों में नियमित छापेमारी करे और अवैध मांझे की बिक्री को पूरी तरह रोके।

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