Ghaziabad News : गाजियाबाद से हैरान करने वाला मामला सामने आया हैं। दरअसल राजनगर के इलाके में एक घर के बाहर रोड पर लगे हुए हरे-भरे जामुन के पेड़ को बिना सरकारी परमिशन के काट दिया गया।
इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई । लेकिन इसके बावजूद कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। यह घटना बेहद अजीब हैं जहां एक तरह योगी सरकार सबसे ज्यादा वृक्षारोपण के आंकड़े देती रहती हैं। वहीं दूसरी ओर एक हरे-भरे पेड़ को काट दिया जाता हैं और इसपर कोई कार्रवाई भी नहीं होती। इस खबर ने प्रशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Ghaziabad News : कहां का हैं यह मामला ?
यह मामला गाजियाबाद के राजनगर सेक्टर-2/257 का हैं। जहां बहुत पुराना बरगद का पेड़ लगा हुआ था। यह पेड़ बहुत बड़ा होने के साथ हरा-भरा भी था। यह पेड़ घर के बाहर वाली सड़क पर लगा हुआ था। सरकार की सड़क पर लगे इस पेड़ को 2/257 में रहने वाले लोगों के द्वारा काट दिया गया। जिसकी जानकारी स्थानीय लोगों के द्वारा पुलिस को 112 पर कॉल करके दी गई। इसके बाद वहां पुलिस आई लेकिन बिना कुछ भी करे वापस चली गई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक घर का मालिक पेशे से वकील हैं। इसके बावजूद उसने कानून की खुले तौर पर अवहेलना कर दी।
यह देखिए(सड़क पर कटता हुआ पेड़)-

Ghaziabad News : स्थानीय थाने को नहीं हैं घटना की जानकारी
जिस जगह यह घटना घटी, वह कविनगर थाना क्षेत्र में आता हैं। जब इस घटना के बारे में कविनगर के एस एच ओ से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनके पास इस तरह के किसी मामले का कोई संज्ञान नहीं हैँ। हालांकि इस पूरी घटना की जानकारी 112 पुलिस को दी गई थी। जिसके बाद पुलिस वहां आई भी थी लेकिन बिना कोई कार्रवाई करे वहां से चली गई।
यह देखिए(घटनास्थल पर पुलिस)-
#गाजियाबाद ,राजनगर के इलाके में एक घर के बाहर रोड पर लगे हुए हरे-भरे जामुन के पेड़ को बिना सरकारी परमिशन के काट दिया गया।
इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई । लेकिन इसके बावजूद कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। pic.twitter.com/FHVcakA2Na
— Lokhit Kranti News (@KrantiLokh53958) August 11, 2025
Ghaziabad News : क्या कहता है कानून ?
भारत में बिना इजाजत के पेड़ काटना एक अपराध हैं। यदि कोई अपने घर के आसपास या कही का भी पेड़ काटना चाहता हैं तो उस व्यक्ति को पहले स्थानीय नगरपालिका या वन विभाग से इसकी इजाजत लेनी होगी। दरअसल पेड़ को हमारे कानून के मुताबिक एक सामाजिक संपत्ति माना जाता है और यह पर्यावरण के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। अगर कोई पेड़ आपके काम में बाधा डाल रहा हैं तो आपको उसे काटने के लिए नगर निगम के अधिकारियों से बात करनी होगी। वह इस दौरान आपसे एक फॉर्म भरवाऐंगे। जिसके बाद इस मामले में फैसला लिया जाएगा कि पेड़ को काटा जाएगा या नहीं।
#गाजियाबाद ,राजनगर के इलाके में एक घर के बाहर रोड पर लगे हुए हरे-भरे जामुन के पेड़ को बिना सरकारी परमिशन के काट दिया गया।
इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई । लेकिन इसके बावजूद कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। pic.twitter.com/FHVcakA2Na
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Ghaziabad News : क्या मिलता हैं दंड ?
भारतीय कानून के मुताबिक बिना सरकारी अनुमति के पेड़ काटने पर एक हजार से लेकर एक लाख तक का जुर्माना लग सकता हैं। इसमें पेड़ की स्थिति को देखते हुए जुर्माना लगता है और यह भी देखा जाता है कि क्या पेड़ को काटे बिना भी वह काम हो सकता था या नहीं। कुछ मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ काटने पर प्रत्येक पेड़ पर एक लाख तक का जुर्माना लगाया हैं।
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