Child Trafficking Racket: 4 अगस्त 2025 को एक सुचना प्राप्त हुई थी कि एक वर्ष के बच्चे को बेचने के दृश्य से अपहरण हुआ है। इस आधार पर तुरंत FIR दर्ज किया गया था, मात्र CCTV फुटेज के आधार पर 4 घंटे में बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सौप दिया गया था।
उसके बाद टीमों का गठन करके इस घटना में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयास किया गया था, जिसमे 4 लोगो को गिरफ्तार किया गया। इनमें से एक अफसर, एक नावेद और 2 महिलाएं जिसका नाम संध्या और स्वाति है, जिन्हे गिरफ्तार कर लिया गया है।
Child Trafficking Racket
इनसे जब पूछताछ किया गया तो जानकारी मिली कि यह एक चाइल्ड ट्रैफिकिंग का रैकेट है, इसमें नर्स, डॉक्टर, आशा वर्कर्स और मैरिज ब्यूरों में काम करने वाली महिलायें भी शामिल हैं। यह एक तरह से सप्लाई और डिमांड पूरा करने का काम करती है, जिसमे एक ऐसे जोड़ें जो नवजात शिशुओं को गोद लेने के लिए, उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से अलग-अलग बच्चों को उपलब्ध कराया जाता है।

बता दें, इनका उपलब्ध कराने का तरीका अवैध है, इसमें नर्स और मैरिज ब्यूरों वॉकर्स शामिल है। खासकर यह काम इस तरह से करती हैं, जैसे अन्वेटिंग प्रेगनेंसी वाली महिलाएं हैं उनके बच्चों को ले लेना और माँ को यह कह कर बेहला देती हैं कि आपको मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ है या फिर लालच जब इनकी बढ़ जाती है तो यह चोरी और बच्चों की किडनैपिंग जैसी घटना को अंजाम देती है।
Child Trafficking Racket: सोशल मीडिया के जरिए जुड़े थे
सोशल मीडिया के माध्यम से व्हाट्सप्प ग्रुप और डायरेक्ट संपर्क करके अपने नेटवर्क में शामिल सदस्य को भेजते हैं। बच्चों की एक प्रोफाइलिंग की जाती है, जो रेट चार्ज इन लोगो ने तय कर रखा है उस हिसाब से बच्चे-बच्चियों और गोर-काले लिंग और रंग के आधारपर भेद भाव करते हुए उनकी कीमत तय करते हैं और उनकी शादी शुदा जोड़ो तक आगे भेज देते हैं।
यह पूरे गैंग का पर्दाफाश हुआ है, जिसमे मुख्य रूप से नर्स, मैरेज ब्यूरों वर्कर्स और जो इस घटना को अंजाम दिया था 2 किडनैप करने वाले लड़के ये सब इस मामले में पकड़ें गए हैं। नर्स अभी फरार है, उसपर भी पुलिस की टीम कार्य कर रही है। यह बहुत बड़ा गैंग है, अभी तक पुलिस ने इसमें 4 लोगो को पकड़ा है, बाकि जो लोग इनमे शामिल है उनपर जल्दी ही पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
Child Trafficking Racket: अब तक कितने बच्चे बीके ?
अभी तक संख्या बताना मुश्किल है, ये अभी तक शादी शुदा जोड़े, दिल्ली, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, उत्तराखंड हरिद्वार, और देहरादून में बच्चों को किडनैप कर चुके हैं। बच्चे का एक कोडवर्ड होता था, जब यह व्हाट्सअप पर मेसेज करते थे तो उसे प्लॉट बोलते थे, और M और F लिखा करते थे। उसके बाद बच्चे का रंग लिखा करते थे। इसकी कीमत अलग -अलग तरीकों से निर्धारित करते थे। जैसे इस बच्चे की कीमत 2.50 लाख रूपये नर्स ने तय की थी, जो अभी फरार है।
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