Raksha Bandhan 2025: हिंदू एक ऐसा धर्म में जिसमें कई त्योहारों को मनाया जाता है और इन सभी त्योहारों की अलग-अलग विशेषताएं और मान्यताएं होती है। रक्षाबंधन भी उन पावन त्यौहारों में से एक है। इस त्यौहार को पौराणिक काल से ही मनाया जाता रहा है।
क्या है रक्षाबंधन ? (Raksha Bandhan 2025)
रक्षाबंधन 2 शब्दों को जोड़कर बना है पहला अक्षर है ‘रक्षा’ जिसका मतलब होता है किसी चीज या जीवन में आने वाली विपत्ति से किसी की सुरक्षा करना, वहीं दूसरा अक्षर है ‘बंधन’ जिसका अर्थ होता है वह गांठ जो इस रिश्ते में बेहद जरूरी होती है। इन दोनों शब्दों को मिलाकर बनता है रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2025), जिसका अर्थ है एक ऐसा धागा या ऐसी पवित्र गाँठ जो सभी बहने अपने भाइयों की कलाई पर बांधती हैं और भाई उन्हें रक्षा करने का वादा करते हैं।

रक्षाबंधन का ये त्यौहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को मजबूत करने साथ ही बहनों की रक्षा करने के लिए मनाया जाना वाला हिंदू धर्म का एक पावन पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधती है। आजकल तो बहने अपनी बहनों को भी राखी बांधती हैं और एक दुसरे की रक्षा करने का वादा करती हैं।
कैसे हुई थी शुरुआत? (Raksha Bandhan 2025)
वैसे तो रक्षा बंधन मनाने के पीछे बहुत-सी पौराणिक गाथाएं हैं, लेकिन उनमे से सबसे लोकप्रिय है श्री कृष्णा और द्रौपदी के रिश्ते की मान्यता:
द्वापर युग के समय जब शिवपाल और भगवान श्री कृष्ण के बीच युद्ध हुआ था तब कृष्ण जी के अंगूठे में गहरी चोट आई थी और उनके अंगूठे से खून बहने लगा था। जिसे देखकर द्रौपदी ने अपने वस्त्र फाड़कर उसके कुछ टुकड़े को श्री कृष्ण के अंगूठे पर बांध दिया था जिससे खून बहना रुक गया।

उस दौरान श्री कृष्ण द्रौपदी के इस व्यवहार को देखकर काफी खुश हुए और उन्होंने द्रौपदी के साथ अपना भाई-बहन का रिश्ता बना लिया, तब से वे द्रौपदी को अपनी बहन समान मानने लगे। उन्होंने द्रोपदी से वादा किया था कि जब-जब उनको अपने भाई की आवश्यकता होगी, तब-तब श्री कृष्ण अपने भाई (Raksha Bandhan 2025) होने के कर्तव्य निभाएंगे और अपनी बहन यानि द्रौपदी जी की रक्षा भी करेंगे।
उसके कुछ साल बाद जब पांडवों को जुए के खेल में हार का सामना करना पड़ा तब कौरवों के राजकुमार दुशासन बिना दया किए द्रौपधी का चिर हरण करने लगा, उस दौरान किसी ने भी द्रौपदी की सहायता नहीं की क्यूंकि सब अपने वचनों से बंधे हुए थे। तब द्रौपदी ने श्री कृष्ण को याद किया, उस समय कृष्ण ने अपने भाई होने का कर्तव्य निभाया द्रोपदी की लाज रखी।

उस दिन से लेकर आज तक भगवान कृष्ण और द्रौपदी जी के इस पवित्र भाई-बहन के रिश्ते को आज भी लोग याद करते हैं। ब्रज के साथ ही भारत के लगभग सभी हिस्सों में हर वर्ष बड़ी ही धूमधाम से रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2025) का यह पावन त्यौहार मनाया जाता है।
क्या है राखी का शुभ मुहूर्त? (Raksha Bandhan 2025)
हिन्दू पचांग के अनुसार, रक्षाबंधन हर साल सावन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस साल सावन पूर्णिमा की शुरुआत 8 अगस्त 2025 को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से होगी और इसका समापन 9 अगस्त 2025 को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर हो जायगा इसका मतलब यह है कि इस बार पूर्णिमा 2 दिन है और रक्षा बंधन का त्यौहार उदयातिथि में ही मनाया जाता है इस कारण राखी का शुभ पर्व 9 अगस्त 2025 को ही मनाया जाएगा।
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