Lottery in Himachal Pradesh: 25 सालों के बाद एक बार फिर हिमाचल प्रदेश में लॉटरी सिस्टम शुरू किया जा रहा है। जी हां चार दिनों तक चले मंत्रिमंडल बैठक में इस मुद्दे पर बात की गई। गुरूवार 31 जुलाई को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
अब से हिमाचल प्रदेश की जनता 25 सालों के बाद एक बार फिर लॉटरी सिस्टम का फायदा उठा सकती है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य सरकार की आमदनी के एक नए स्रोत का जुड़ना है।
Lottery in Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश आर्थिक तंगी से है परेशान
हिमाचल प्रदेश में बढ़ती आर्थिक तंगी के कारण लॉटरी सिस्टम को शुरू किया जा रहा है। बता दें, हिमाचल प्रदेश में आज से कई सालों पहले लॉटरी सिस्टम का खुमार लगभग हर घर में देखने को मिलता था। लोगो के अंदर लॉटरी को लेकर दिलचस्पी बढ़ती गई और धीरे-धीरे हालात खराब होते गए।

खबरें आने लगी कि लॉटरी की वजह से कई घर नीलाम हो गए और कई परिवार तबाह हो गए। धीरे-धीरे आत्महत्या के केस भी बढ़ने लगे, जिसके बाद सरकार ने साल 2002 में लॉटरी सिस्टम को बंद करवा दिया था।
Lottery in Himachal Pradesh: लॉटरी सिस्टम आने से सरकार फायदा
हिमांचल प्रदेश में लॉटरी सिस्टम आने से वहां की सरकार को बहुत फायदा होने वाला है। वहां की आर्थिक स्थिति पहले से बहुत खराब है, ऐसे में लॉटरी सिस्टम के आने से सरकार को लगभग साल में 50 से 100 करोड़ रुपये तक की आय हो सकती है। यह जानकारी वित्त विभाग की ओर से दी गई है।
Cash-strapped Congress govt in Himachal now banking on lotteries to survive!
After pushing the state into a debt of over ₹1 lakh crore, they’ve lifted the 1999 ban on lotteries—hoping to earn just ₹50–100 crore annually.This is what happens when governance fails.
From… pic.twitter.com/pvzmFcKfiW— Chetan Bragta (@chetanbragta) August 1, 2025
वित्त विभाग के मुताबिक, पंजाब, केरल, सिक्किम जैसे राज्यों को लॉटरी से बहुत फायदा मिलता है। लॉटरी के माध्यम से पंजाब को 253 करोड़ , सिक्किम को 30 करोड़ और केरल को 13,582 करोड़ रुपयों का लाभ हुआ है। बता दें, हिमांचल प्रदेश में लॉटरी सिस्टम शुरू करने के लिए अन्य राज्यों के टैडर मॉडल को अपनाया जाएगा।
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