ब्यूरो- संजय मित्तल
Ghaziabad News: बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश ने गाजियाबाद नगर निगम के नाले-सफाई और जलनिकासी के तमाम दावों की पोल खोल दी। शहर के अधिकांश हिस्से कई फीट पानी में डूब गए, और हालात यह कि नगर आयुक्त के बंगले के बाहर भी दो फीट तक पानी भर गया। नाले ओवरफ्लो होने से सड़कों पर गंदा पानी जमा हो गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
Ghaziabad News: पहली ही बारिश ने दावों की खुली पोल
नगर निगम हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे करता है, लेकिन पहली ही बारिश ने इन दावों की हकीकत सामने ला दी। वसुंधरा, वैशाली, इंदिरापुरम, मोहन नगर, राजेंद्र नगर जैसे प्रमुख इलाकों में सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं। कई जगह वाहन पानी में फंस गए, और लोगों को घुटनों तक पानी में चलना पड़ा।
Ghaziabad News: नगर आयुक्त के बंगले के बाहर पानी
सबसे शर्मनाक स्थिति तब देखी गई, जब नगर आयुक्त के आधिकारिक बंगले के बाहर दो फीट तक पानी जमा हो गया। स्थानीय निवासियों ने इसे निगम की लापरवाही का जीता-जागता सबूत बताया। एक निवासी राकेश शर्मा ने कहा, “जब आयुक्त के बंगले के बाहर ही पानी भरा है, तो आम जनता की क्या हालत होगी? निगम के दावे पूरी तरह हवा-हवाई साबित हुए।”
नाले ओवरफ्लो होने की वजह से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा था, जिससे बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ गया। निगम की ओर से बारिश से पहले नालों की सफाई के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा किया गया था, लेकिन बारिश ने इसकी हकीकत उजागर कर दी।
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