Ghaziabad News: कमिश्नरेट पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कुल सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इनमें तीन पुलिसकर्मी ऐसे हैं जिनका रिश्वत लेते हुए एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था, जबकि चार अन्य पुलिसकर्मियों को फीडबैक सेल द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर निलंबन का सामना करना पड़ा है।
मसूरी थाने की पीआरवी टीम रिश्वत लेते पकड़ी गई
Ghaziabad News: मसूरी क्षेत्र में पीआरवी ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल मोहम्मद नाजिम, सिपाही कुंदन और चालक सिपाही विश्वेंद्र सिंह को उस समय निलंबित कर दिया गया जब दो दिन पूर्व उनका रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह वीडियो सामने आते ही विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों को सस्पेंड कर दिया।
फीडबैक सेल की सक्रियता लाई परिणाम
Ghaziabad News: वहीं, कमिश्नरेट मुख्यालय पर कार्यरत फीडबैक सेल को पासपोर्ट, किराएदार और चरित्र प्रमाण पत्र जैसे वेरिफिकेशन मामलों में आवेदकों से नकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। 9,000 से अधिक फीडबैक में से तीन मामलों में गंभीर शिकायतें सामने आने पर इंदिरापुरम थाने में तैनात हेड कांस्टेबल प्रवीन कुमार, सिपाही सौरभ बघेल, सिपाही अमित कुमार और मसूरी थाने में तैनात सिपाही पूरन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
पुलिस कमिश्नर का स्पष्ट संदेश, जीरो टॉलरेंस
Ghaziabad News: पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि जनता की सेवा में लगे पुलिसकर्मियों से किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कमिश्नरेट पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत लगातार निगरानी रख रही है और भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
फीडबैक सेल की भूमिका अहम
Ghaziabad News: फीडबैक सेल की टीम प्रतिदिन सैकड़ों आवेदकों से संपर्क कर रही है और उनके अनुभवों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस कदम से पुलिसिंग की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम प्रगति मानी जा रही है।