ब्यूरो।
संजय मित्तल
Ghaziabad News : वॉच टावर, ड्रोन और लाइव जैकेट – कांवड़ यात्रा के लिए हाईटेक इंतजाम
सावन महीने में लाखों शिव भक्तों की आस्था का प्रतीक कांवड़ यात्रा इस बार भी भव्य पैमाने पर निकाली जाएगी। गाजियाबाद प्रशासन ने इसे सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कमर कस ली है। एडिशनल सीपी आलोक प्रियदर्शी ने खास बातचीत में बताया कि यात्रा मार्ग को लेकर कई स्तर पर तैयारियां चल रही हैं और बैठकें लगातार हो रही हैं। गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा का लगभग 85 किलोमीटर लंबा हिस्सा आता है, जो अलग-अलग रूटों में बंटा हुआ है। इसे देखते हुए हर 500 से 700 मीटर पर एक सब-इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया जाएगा, ताकि कांवड़ यात्रा पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। आलोक प्रियदर्शी के अनुसार, पूरे जिले में तकरीबन 2500 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे जो हर रूट पर निगरानी रखेंगे और भीड़ को मैनेज करेंगे।
Ghaziabad News : एडिशनल सीपी ने क्या बताया ?
एडिशनल सीपी ने यह भी बताया कि गाजियाबाद के सबसे प्राचीन धार्मिक स्थल दूधेश्वर नाथ महादेव मठ मंदिर पर सावन के हर सोमवार को विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। यहां करीब साढ़े 500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा, वॉच टावरों की संख्या भी इस बार बढ़ाई जा सकती है। पिछले वर्ष कुल 14 वॉच टावर बनाए गए थे, लेकिन इस बार यात्रियों की भीड़ को देखते हुए जरूरत पड़ने पर और वॉच टावर बनाए जाएंगे। सीसीटीवी निगरानी भी इस बार बेहद सख्त रहने वाली है। पूरे कांवड़ मार्ग पर लगभग 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से कुछ का काम मेरठ तिराहे पर शुरू हो चुका है। मेरठ तिराहे से लाखों कांवड़िए हर साल गुजरते हैं और वहां की भीड़ और यातायात प्रबंधन को देखते हुए इसे एक प्रमुख प्वाइंट माना जा रहा है।
गाजियाबाद का छोटा हरिद्वार क्षेत्र भी प्रशासन के फोकस में है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु गंगनहर में स्नान करते हैं। इस स्थान पर सुरक्षा के मद्देनजर पीएसी की 41वीं वाहिनी तैनात की गई है। प्रशासन को यह भी ध्यान है कि हर साल कुछ श्रद्धालु गंगनहर में डूबने की घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। इसको देखते हुए पीएसी की टीमें वोट और लाइव जैकेट के साथ तैनात रहेंगी। अब तक पीएसी के जवानों ने 15 से अधिक श्रद्धालुओं की जान बचाई है। हमने मौके पर मौजूद जवानों से बात की तो उन्होंने कहा कि उनकी पूरी तैयारी है और वे लगातार सतर्क रहकर डूबते हुए श्रद्धालुओं को बचाते हैं। उन्होंने यह भी अपील की कि श्रद्धालु नियमों का पालन करें और प्रशासन के निर्देशों का सम्मान करें, ताकि यह यात्रा सुरक्षित और यादगार बन सके।
Ghaziabad News : नगर आयुक्त ने क्या कहा ?
वहीं दूसरी ओर नगर निगम भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे चुका है। नगर आयुक्त के अनुसार, कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली सभी शराब और मांस की दुकानें यात्रा अवधि में पूरी तरह बंद रहेंगी। यह फैसला धार्मिक भावनाओं और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है। इसके अलावा ढाबों और खाने की दुकानों पर भी विशेष नियम लागू किए गए हैं। प्रशासन ने सभी ढाबा मालिकों को अपने प्रतिष्ठान के बाहर नेम प्लेट और खाने की रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए हैं। हमने जब कुछ ढाबों पर जाकर देखा तो वहां साफ तौर पर नेम प्लेट और रेट लिस्ट लगी हुई मिली। कई ढाबा मालिकों ने इसे एक अच्छा कदम बताया। उनका कहना था कि इससे पारदर्शिता बढ़ती है और यात्रियों को भरोसा होता है कि वे किसके ढाबे पर खाना खा रहे हैं।
Ghaziabad News : नेम प्लेट लगाने के आदेश पर क्या बोले ढाबा मालिक
ढाबा मालिकों ने कहा कि अक्सर ग्राहक यह शिकायत करते थे कि ढाबे के बाहर हिंदू नाम लिखा होता है लेकिन जब वे फोन से पेमेंट करते हैं तो मालिक का नाम किसी और धर्म या जाति का निकलता है। योगी सरकार के इस कदम से अब यह भ्रम दूर होगा और श्रद्धालु विश्वास के साथ भोजन कर सकेंगे। ढाबा मालिकों और स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के इस फैसले की सराहना की और कहा कि आगे भी ऐसी व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। प्रशासन की इन तमाम तैयारियों और सख्ती से यह साफ है कि इस बार कांवड़ यात्रा को पूरी सुरक्षा और सुव्यवस्था के साथ संपन्न कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखते हुए गाजियाबाद प्रशासन हर स्तर पर तैयारी कर रहा है ताकि लाखों शिव भक्तों की आस्था का यह पर्व पूरी श्रद्धा और शांति से मनाया जा सके।
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