यह है पूरा मामला
भारतीय तैराकों ने एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कामयाबी हासिल करते हुए, थलाईमन्नार (श्रीलंका) से धनुषकोडी (भारत) तक चुनौतीपूर्ण खुले समुद्र में 28 से 30 किलोमीटर लंबी पाल्क स्ट्रेट तैराकी को सफलतापूर्वक पूरा किया। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने बताया कि इस दौरान उन्हें तेज़ हवा और समुद्री धाराओं का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम ने असाधारण साहस और एकजुटता के साथ यह उपलब्धि प्राप्त की है।
फिट इंडिया मूवमेंट को समर्थन

साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन, भगवान श्रीराम के प्रति धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का सम्मान, ओपन सी स्विमिंग को बढ़ावा और भारत की विविधता में एकता का उत्सव। यह तैराकी न केवल प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमता की परीक्षा थी, बल्कि सहयोग, समर्पण और साझा राष्ट्रीय भावना की शक्ति का भी प्रतीक बनी।
8 सदस्यीय रिले टीम

तैराकों ने 17 अप्रैल की रात 7:50 बजे रामेश्वरम फिशिंग जेटी से प्रस्थान किया, सभी इमीग्रेशन और कस्टम प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद। तैराकी 18 अप्रैल को सुबह 5:50 बजे थलाईमन्नार से 1–2 किमी दूर समुद्र के भीतर एक निर्धारित बिंदु से प्रारंभ हुई, क्योंकि श्रीलंका की सीमा में सीधा प्रवेश निषिद्ध है। 8 सदस्यीय रिले टीम ने 8 घंटे 30 मिनट में पाल्क स्ट्रेट पार की। टीम का नेतृत्व अर्जुन पुरस्कार विजेता प्रसंत कर्मकार ने किया। यह टीम विविध पृष्ठभूमियों से आए खिलाड़ियों और पेशेवरों की एकता का प्रतीक बनी।
खिलाड़ी

टीम में प्रसंत कर्मकार, टीम लीडर (हरियाणा), दीपक बाबूलाल करवा, एडीसी, कैथल (हरियाणा), अभिनव गोपाल, मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), मुरीगेप्पा चन्ननावर, पुलिस निरीक्षक (कर्नाटक), रबिन बोल्डे, रेलवे प्रमुख टिकट चैकर, सियालदह (पश्चिम बंगाल), अमन शानभाग, तृतीय वर्ष मेडिकल छात्र (कर्नाटक), राजबीर, पैरा तैराक (हरियाणा) व इशांत सिंह, राष्ट्रीय एथलीट (हरियाणा) रहे।
जल्द सुधरेगी गाजियाबाद के महामाया स्टेडियम की हालत

गाजियाबाद में खेल के एकमात्र बड़े ग्राउंड यानी महामाया स्टेडियम की बदहाली पर अब खेल मंत्रालय की नजर पड़ी है। दरअसल, गाजियाबाद का महामाया स्टेडियम काफी समय से मरम्मत की प्रतिक्षा में है। यहां पर मौजूद स्विमिंग पूल कभी ताई राखी के लिए बनाए गए थे। लेकिन अब उनमें गाजियाबाद के स्विमर वहां प्रेक्टिस नहीं करते हैं।यहां टेनिस कोर्ट तो है लेकिन उसकी जर्जर छत से पानी छूटा है यहां बॉक्सिंग हाल तो है लेकिन दीवारें इस कदर जर्जर हो चली है कि उन्हें मरम्मत की सख्त जरूरत है इन सब चीजों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के खेल मंत्रालय ने गाजियाबाद के महा माया स्टेडियम को 16 करोड रुपए सैंशन किए हैं। अब गाजियाबाद के लोगों के लिए एक बड़ा ही सुंदर और बड़ा ही मनमोहन ग्राउंड फिर से तैयार किया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने बताया कि 16 करोड़ रूपये से महामाया स्टेडियम की बदहाली को पूरी तरीके से सुधार दिया जाएगा। जिससे कि गाजियाबाद की खेल प्रतिभाओं को इसमें बेहतर खेल क्रीड़ाएं करने में आसानी होगी।



