Noida News : नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) कॉन्स्टेबल पद की लिखित परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल करने और कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी इतने शातिर थे कि ये मेज के नीचे एक इलेक्ट्रिक डिवाइस लगाकर नकल करवाया करते थे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला नकल कराने के लिए चार लाख रुपए में सौदा हुआ था। 50 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे। परीक्षा केंद्र इंचार्ज ने परीक्षार्थी सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
Noida News : अब पढ़े पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सेक्टर-62 में आईऑन डिजिटल जोन में रेलवे की ओर से पुलिस फोर्स में कॉन्स्टेबल पद के लिए भर्ती करने के लिए 2 मार्च से 18 मार्च के बीच लिखित परीक्षा कराई जा रही है। सात मार्च को भी सेंटर पर परीक्षा आयोजित हुई। इसी में मुजफ्फरनगर के गांव तुलहेडी निवासी आजाद परीक्षा दे रहा था। इस बीच कक्ष निरीक्षक छत्रपाल को संदेह हुआ कि आजाद किसी व्यक्ति से बात कर रहा है। आशंका होने पर जांच की गई तो पता चला आजाद के कान में ब्लूटूथ डिवाइस लगा है। चेक किए जाने पर मेज के नीचे एक इलेक्ट्रिक डिवाइस भी पकड़ा गया।
जिसके बाद पूछताछ की आजाद ने बताया उसके भाई असलम ने मेरठ के मवाना निवासी राहुल और पंकज निवासी जिला मुजफ्फरनगर गांव हासमपुर ने लिखित परीक्षा में पास कराने का दावा किया था। इसकी एवज में उसने चार लाख रुपए मांगे थे। बड़े भाई ने 50 हजार रुपए एडवांस दे दिए थे। जब सेंटर पर आजाद पहुंचा तो उसे बताया गया कि सातवें फ्लोर की लैब के वॉशरूम में एक ब्लूटूथ और इलेक्ट्रिक डिवाइस ब्रीक्स कंपनी के कर्मचारी अर्जुन डागर द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। आजाद सेंटर पर पहुंचा और वॉशरूम से दोनों इलेक्ट्रिक डिवाइस लेकर कक्ष में बैठ गया।
परीक्षा के दौरान प्रश्नों के जवाब देने वाले के संबंध में आजाद से पूछा तो वह उसका नाम नहीं बता पाया। टीम ने परीक्षार्थी आजाद और कंपनी के कर्मचारी अर्जुन डागर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिए। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
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