Task Force Action : टास्क फोर्स के हाथ लगे बदमाश
उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने हाल ही में साइबर फ्रॉड से जुड़े एक संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए दो प्रमुख अपराधियों, रोहन अग्रवाल और हर्ष वर्धन गुप्ता को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का संचालन चीनी नागरिकों के सहयोग से किया जा रहा था, जिनके साथ मिलकर इन अपराधियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके धोखाधड़ी की जटिल योजनाएं अंजाम दीं।
Task Force Action : क्या हैं पूरा मामला ?
इस मामले में पुलिस की जांच में सामने आया है कि अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट, गेमिंग और ट्रेडिंग ऐप्स के माध्यम से बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड किया। टेलीग्राम ऐप के माध्यम से चीनी नागरिकों के साथ नियमित संपर्क में रहते हुए, इन अपराधियों ने एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया था। एपीआई टूल का इस्तेमाल करके बैंक खातों को कनेक्ट करने की प्रक्रिया ने धोखाधड़ी को और भी आसान बना दिया, जिससे अपराधी विभिन्न शहरों में फैले सहयोगियों के माध्यम से म्यूल बैंक खातों की व्यवस्था करते थे। इन खातों के माध्यम से वे कमीशन के आधार पर धन लेनदेन करते थे, जिससे उनकी धोखाधड़ी की योजनाओं में बेशुमार लाभ होता था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रयागराज निवासी रोहन अग्रवाल ,कानपुर निवासी हर्षवर्धन गुप्ता के रुप में हुई हैं। पुलिस ने तलाशी के दौरान 14 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 3 आधार कार्ड, 1 पैन कार्ड, 1 ड्राइविंग लाइसेंस, 1 पासपोर्ट, 7 मोबाइल फोन और लगभग 4 लाख रुपये नकद बरामद हुआ हैं । यह बरामदी सामग्री इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि अपराधियों ने डिजिटल साधनों और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पुलिस की जांच से यह सामने आया कि अपराधियों ने अपने चीनी सहयोगियों के साथ मिलकर एक संगठित नेटवर्क स्थापित किया था। इस नेटवर्क में शामिल चीनी नागरिकों को कमीशन के आधार पर म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराए जाते थे, जिन्हें विभिन्न शहरों से एकत्रित किया जाता था। धोखाधड़ी की प्रक्रिया में, टेलीग्राम ऐप के माध्यम से संपर्क बनाए रखने के साथ-साथ एपीआई टूल की मदद से बैंक खातों को कनेक्ट किया जाता था, जिससे लेनदेन की प्रक्रिया बहुत ही सरल हो जाती थी।
Task Force Action : पुलिस कार्रवाई और भविष्य की दिशा
इस गिरफ्तारी को साइबर अपराध के खिलाफ चल रही कार्यवाही में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर आगे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के अपराधों में लगे अन्य अपराधियों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंका जा सके।



