Delhi Yamuna Cleaning : दिल्ली में यमुना की सफाई का मुद्दा विधानसभा चुनाव के दौरान जोड़ों शुरू से उठाया गया। क्योंकि दिल्ली की सत्ता पर पीछे 10 सालों से जो आम आदमी पार्टी राज कर रही थी वो यमुना की सफाई कराने में फैल रही और विधानसभा चुनाव के दौरान यमुना की सफाई को लेकर आम आदमी पार्टी पर कई सवाल उठाए जाने लगे। जिसका नतीजा ये हुआ कि भारतीय जनता पार्टी ने 48 सीटें हासिल 27 सालों बाद दिल्ली पर कब्जा कर लिया जबकि आप की झोली में महज 22 जीते आई। मजे की बात ये है कि दिल्ली में अभी BJP की सरकार बनी नहीं कि पार्टी ने यमुना की सफाई का अभियान शुरू कर दिया।
Delhi Yamuna Cleaning : यमुना की सफाई की शुरुआत
बता दें कि अभी नई सरकार का गठन होने बाकी है, लेकिन दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के सक्सेना ने दिल्ली के मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) और एसीएस के साथ बैठक की, जिसके बाद रविवार को यमुना की सफाई की शुरुआत हुई। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी भाषण में यमुना को दिल्ली की पहचान बनाने का वादा किया था। चुनाव जीतने के बाद अब यमुना की सफाई के अभियान की शुरुआत करते हुए इस वादे को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यमुना की सफाई अभियान में कई विभाग शामिल है। इन विभागों में दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली नगर निगम, पर्यावरण विभाग, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, लोक निर्माण विभाग और दिल्ली विकास प्राधिकरण शामिल है। इन सभी विभागों की निगरानी में यमुना की सफाई का कार्य शुरू हो चुका है। बताते चले कि यमुना की सफाई चार सूत्री रणनीति से की जाएगी। पहली और दूसरी रणनीति में नजफगढ़ नाला, सप्लीमेंट्री नाला और शहर के अन्य सभी प्रमुख नालों की सफाई का कार्य किया जाएगा। उसके बाद तीसरी रणनीति में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता और उत्पादन पर हर दिन निगरानी रखी जाएगी और उसके अनुसार कार्य किया जाएगा। वहीं चौथी रणनीति में डीएसटीपी और एसटीपी के निर्माण के लिए समयबद्ध योजना तैयार की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, यमुना की सफाई के लिए खरपतवार निकालने वाली मशीन और ड्रेज यूटिलिटी यूनिट लगाई गई है। इसके लिए एक टाइम बाउंड प्लान तैयार किया गया है। यमुना को पूरी तरह से साफ करने के लिए तीन साल की समय सीमा तय की गई है। यह काम समय से हो सके इसके लिए विभिन्न एजेंसियों को कॉर्डिनेशन बनाए रखने के लिए कहा गया है। यहीं नहीं यमुना सफाई अभियान के तहत दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह इंडस्ट्रियल यूनिट्स से नालों में छोड़े जा रहे गंदे पानी की कड़ी निगरानी करें।



