Mahakumbh 2025 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में चल रहे महाकुंभ मेला में मची भगदड़ में 30 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 90 लोग घायल हुए है। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक हादसे के लिए न्यायिक जांच के आदेश देते हुए तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। इस आयोग के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश हर्ष कुमार होंगे। जबकि पूर्व डीजी वीके गुप्ता और रिटायर्ड आईएएस डीके सिंह को आयोग में शामिल किया गया है।
Mahakumbh 2025 : सीमा के अंदर देंगे रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय यह आयोग एक समय सीमा के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। पुलिस भी मामले की जांच करेगी। साथ ही ये पता लगाने की कोशिश करेंगी की हादसे का मुख्या कारण क्या है। चर्चा है कि आज गुरुवार को मुख्य सचिव और डीजीपी भी प्रयागराज जाकर घटना की समीक्षा करेंगे। न्यायिक आयोग भगदड़ के कारणों के साथ ही उन परिस्थितियों की भी जांच करेगा जो हादसे का कारण बनीं।
Mahakumbh 2025 : अब जानें किसको दिए सरकार ने जांच के आदेश
दरअसल, न्यायमूर्ति हर्ष कुमार 29 मार्च 2020 को प्रयागराज हाईकोर्ट से सेवानिवृत हुए हैं। 1979 में विधि में स्नातक करने वाले हर्ष कुमार 1998 में उच्च न्यायकि सेवा में नियुक्ति हुई थी। 2008 में जिला जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में प्रमोशन हुआ। 3 फरवरी 2014 को इन्हें अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया 1 फरवरी 2016 को स्थाई न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
Mahakumbh 2025 : चर्चित उमेशपाल हत्याकांड में शामिल रहे बीके गुप्ता
वहीं दूसरू तरफ 1982 बैच के आईपीएस अधिकारी वीके गुप्ता डीजी होमगार्ड के पद से रिटायर्ड हुए थे। बीके गुप्ता प्रयागराज में हुए चर्चित उमेशपाल हत्याकांड में शामिल रहे। शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराने वाली पुलिस टीम के विरुद्ध जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश राजीव लोचन मल्होत्रा की अध्यक्षता में गठित न्यायिकि आयोग का हिस्सा रह चुके हैं। 2005 बैच के रिटायर्ड आईएएस डीके सिंह चित्रकूटधाम के मंडल आयुक्त पद पर रह चुके हैं। डीके सिंह से पहले जौनपुर, बदायूं मुजफ्फरनगर और सोनभद्र में जिलाधिकारी के पद पर भी रह चुके हैं।
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