Bijnor Viral Dog: बिजनौर के नंदपुर मंदिर में एक कुत्ता इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह कुत्ता बिना खाए-पिए लगातार हनुमान और मां दुर्गा की मूर्तियों की परिक्रमा कर रहा है। स्थानीय लोग इसे भैरव का रूप मानकर पूजा कर रहे हैं, जबकि पशु चिकित्सक इसे दिमागी चोट का नतीजा बता रहे हैं।
मंदिर में इस घटना ने आस्था, जिज्ञासा और अंधविश्वास को एक साथ जन्म दिया है। श्रद्धालुओं की भीड़ ने इस कुत्ते को देखना अपनी श्रद्धा का हिस्सा बना लिया है।
Bijnor Viral Dog- मंदिर में परिक्रमा का रहस्य
नंदपुर गांव के मंदिर परिसर में यह कुत्ता लगातार चार-पांच दिन से मूर्तियों के चक्कर लगा रहा है। शुरूआत में उसने हनुमान जी की प्रतिमा के सामने परिक्रमा शुरू की, फिर मां दुर्गा की मूर्ति के चारों ओर घूमने लगा। स्थानीय लोगों ने मंदिर में उसके लिए एक गद्दा रख दिया, ताकि वह आराम कर सके। लेकिन थोड़े समय के विश्राम के बाद यह कुत्ता फिर से अपनी परिक्रमा में जुट जाता है।
Bijnor Viral Dog-श्रद्धालु मान रहे भैरव का रूप
ग्रामीण इस कुत्ते को देखकर हैरान हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह किसी साधु या ऋषि की आत्मा है, तो कुछ इसे भगवान भैरव का रूप मानकर पूजा कर रहे हैं। मंदिर में लगातार भजन-कीर्तन और पूजा-पाठ का दौर चल रहा है। भीड़ इतनी बढ़ गई है कि मंदिर के बाहर प्रसाद और खिलौनों की दुकानें भी लग गई हैं। लोग अब सीधे कुत्ते के सामने माथा टेक रहे हैं।
Bijnor Viral Dog पर डॉक्टरों की राय
पशु चिकित्सकों की टीम ने जांच के बाद बताया कि कुत्ते का सिर में चोट लगने के कारण उसका दिमागी संतुलन बिगड़ा है। यही वजह है कि वह लगातार एक ही दिशा में गोल-गोल घूम रहा है। हालांकि, स्थानीय निवासी डॉक्टरों की इस बात से असहमत हैं। उनका कहना है कि पाँच दिन तक बिना खाए-पिए और थके परिक्रमा करना किसी दैवीय शक्ति के बिना संभव नहीं।
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Bijnor Viral Dog पर बहस
यह घटना अब आस्था और विज्ञान के बीच बहस का केंद्र बन गई है। लोग इसे दिव्यता मान रहे हैं, तो विशेषज्ञ इसे न्यूरोलॉजिकल समस्या बता रहे हैं। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और कुत्ते के इस व्यवहार को देखकर उसे पूजा का हिस्सा मानते हैं।
भविष्य में क्या होगा
अब सवाल यह है कि यह घटना कितने दिनों तक जारी रहेगी। क्या कुत्ते का इलाज होगा, या यह परिक्रमा और श्रद्धालु आस्था का हिस्सा बनकर स्थायी रूप लेगी? फिलहाल नंदपुर मंदिर में यह कुत्ता श्रद्धा, विज्ञान और रहस्य का संगम बना हुआ है।



