Vibrant Village Program: उत्तराखंड सरकार द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए चलाए जा रहे Vibrant Village Program Uttarakhand के तहत एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की मौजूदगी में मुख्यमंत्री आवास पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल से Vibrant Village Program को नई गति मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
इस MoU के तहत उत्तराखंड औद्यानिक परिषद अब राज्य में तैनात Indo-Tibetan Border Police (ITBP) की विभिन्न वाहिनियों को स्थानीय स्तर पर उत्पादित ताजे फल और सब्जियों की आपूर्ति करेगी। यह कदम न केवल Vibrant Village Program Uttarakhand के उद्देश्यों को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय किसानों के लिए स्थायी बाजार भी तैयार करेगा।
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मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह समझौता राज्य के किसानों, स्थानीय उत्पादकों और सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए बेहद अहम साबित होगा।
जवानों को मिलेंगी ताजा और पौष्टिक सामग्री
Vibrant Village Program के तहत इस पहल का एक बड़ा उद्देश्य ITBP के जवानों को बेहतर गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराना भी है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल और सब्जियों से जवानों को ताजा, पौष्टिक और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलेगी।
सीएम धामी ने कहा कि यह व्यवस्था न केवल जवानों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगी, बल्कि इससे स्थानीय कृषि उत्पादों की मांग भी बढ़ेगी।
किसानों को मिलेगा उचित मूल्य
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ राज्य के किसानों को मिलने वाला है। Vibrant Village Program के अंतर्गत किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और उन्हें बाजार तक पहुंचने में आने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी।
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यह व्यवस्था किसानों के लिए एक स्थायी और भरोसेमंद खरीद प्रणाली तैयार करेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
सीमावर्ती जिलों की अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
इस समझौते के तहत चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चंपावत जैसे दूरस्थ और सीमावर्ती जिलों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा देहरादून क्षेत्र के किसानों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
Vibrant Village Program का मुख्य उद्देश्य ही सीमांत क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना है, और यह पहल उसी दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
पहले भी मिल चुके हैं सकारात्मक परिणाम
राज्य सरकार और ITBP के बीच इससे पहले भी स्थानीय उत्पादों की खरीद को लेकर समझौते किए जा चुके हैं, जिनके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। अब तक ITBP करीब 14 करोड़ 77 लाख रुपए के स्थानीय उत्पाद खरीद चुका है।
सरकार का लक्ष्य इस आंकड़े को और बढ़ाना है, ताकि Vibrant Village Program के तहत अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके।
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आर्थिक संभावनाओं में होगा विस्तार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगर ITBP अपनी वार्षिक जरूरत का केवल 25 प्रतिशत फल और सब्जियां स्थानीय स्तर से खरीदता है, तो इससे किसानों को लगभग 6 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय हो सकती है।
यह पहल न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूती देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगी। Vibrant Village Program के जरिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सरकार की प्राथमिकता में किसान और जवान
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और जवानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी साबित होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि Vibrant Village Program के तहत आने वाले समय में और भी योजनाएं लागू की जाएंगी, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
कुल मिलाकर, Vibrant Village Program के तहत ITBP और औद्यानिक परिषद के बीच हुआ यह MoU राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे जहां एक ओर जवानों को बेहतर खाद्य सामग्री मिलेगी, वहीं दूसरी ओर किसानों की आय में वृद्धि होगी। यह कदम उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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