Uttarakhand Solar Energy: उत्तराखंड ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता अब 1 गीगावॉट (1000 मेगावॉट) से अधिक हो चुकी है। यह उपलब्धि न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति राज्य की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
Uttarakhand Solar Energy से बदल रही तस्वीर
पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं और प्रभावी नीतियों के चलते सौर ऊर्जा परियोजनाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। खासतौर पर पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों में सौर संयंत्रों की स्थापना ने उन क्षेत्रों तक भी बिजली पहुंचाने का कार्य किया है, जहां पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों का पहुंचना कठिन था।
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Uttarakhand Solar Energy के बढ़ते उपयोग से राज्य में पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम हो रही है। इसके साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आ रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है।
CM Dhami ने दी बधाई, बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
CM Dhami ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में यह प्रगति राज्य को हरित विकास की दिशा में आगे ले जाने वाली है।
CM Dhami ने यह भी कहा कि सौर ऊर्जा अब केवल एक सरकारी योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनभागीदारी से जुड़ा एक व्यापक अभियान बन चुका है। आने वाले समय में राज्य को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए और प्रयास किए जाएंगे।
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विभिन्न परियोजनाओं से बढ़ी सौर क्षमता
राज्य की सौर ऊर्जा क्षमता में वृद्धि कई प्रकार की परियोजनाओं के माध्यम से संभव हो सकी है। ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्लांट, रूफटॉप सोलर सिस्टम, वाणिज्यिक नेट मीटरिंग परियोजनाएं और कैप्टिव सौर संयंत्रों ने इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
घरेलू स्तर पर रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना से आम नागरिकों को बिजली बिल में राहत मिल रही है, जबकि वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों ने नेट मीटरिंग व्यवस्था के माध्यम से ऊर्जा लागत को कम किया है। इसके अलावा सरकारी भवनों पर लगाए गए सौर संयंत्र भी ऊर्जा उत्पादन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से रोजगार के अवसर
Uttarakhand Solar Energy के विस्तार ने राज्य में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। CM Dhami सौर स्वरोजगार योजना के तहत स्थानीय युवाओं और छोटे उद्यमियों को सौर संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
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इस पहल के माध्यम से तकनीशियन, इंजीनियर, इलेक्ट्रिशियन और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां औद्योगिक गतिविधियां सीमित हैं, वहां सौर ऊर्जा परियोजनाएं आय का नया माध्यम बन रही हैं।
दूरस्थ क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार
राज्य के कई दुर्गम गांवों में सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और छोटे व्यवसायों को मजबूती मिली है। बिजली की बेहतर उपलब्धता से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो रही है, वहीं स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक उपकरणों के संचालन में भी सुविधा हुई है। छोटे स्तर के उद्योग और व्यवसाय भी अब निर्बाध रूप से संचालित हो पा रहे हैं।
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निवेश और नीति समर्थन से मिली गति
राज्य सरकार द्वारा लागू की गई अनुकूल नीतियों और निवेश को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों ने भी सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेजी लाने का काम किया है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं ने सौर ऊर्जा को अपनाने की प्रक्रिया को सरल बनाया है।
निजी निवेशकों के लिए पारदर्शी नियम और स्पष्ट दिशानिर्देशों के चलते राज्य में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ा है, जिससे एक मजबूत ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है।
सतत विकास की ओर मजबूत कदम
Uttarakhand Solar Energy क्षमता का 1 गीगावॉट के पार पहुंचना उत्तराखंड के लिए केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पर्यावरणीय जिम्मेदारी और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा उत्पादन को और बढ़ाना, अधिक से अधिक गांवों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाना और नागरिकों की भागीदारी को सुनिश्चित करना है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रभावी नीतियों और सामूहिक प्रयासों से विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।
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