By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Uttarakhand Forest Workers: उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम….. वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को मिलेगा सातवें वेतन आयोग के अनुसार न्यूनतम वेतन
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > उत्तराखंड > Uttarakhand Forest Workers: उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम….. वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को मिलेगा सातवें वेतन आयोग के अनुसार न्यूनतम वेतन
उत्तराखंड

Uttarakhand Forest Workers: उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम….. वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को मिलेगा सातवें वेतन आयोग के अनुसार न्यूनतम वेतन

Manisha
Last updated: 2026-01-18 10:30 पूर्वाह्न
Manisha Published 2026-01-18
Share
Uttarakhand Forest Department
Uttarakhand Forest Workers: उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम..... वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को मिलेगा सातवें वेतन आयोग के अनुसार न्यूनतम वेतन
SHARE

Uttarakhand Forest Department: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार लगातार कर्मचारियों और श्रमिकों के हित में अहम फैसले लेती नजर आ रही है। हाल ही में उपनल कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन देने की घोषणा के बाद अब Uttarakhand Forest Department में कार्यरत सैकड़ों दैनिक श्रमिकों के लिए भी राहत भरी खबर सामने आई है। Uttarakhand Forest Department के दैनिक श्रमिकों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप न्यूनतम वेतन देने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है और इस प्रस्ताव पर गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति ने सहमति जता दी है।

जोखिम भरे कार्यों को देखते हुए लिया गया फैसला

Uttarakhand Forest Department के दैनिक श्रमिकों की जिम्मेदारियां बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम से भरी होती हैं। जंगलों में गश्त करना, वन्यजीवों से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखना, जंगलों में लगने वाली आग पर काबू पाना और अवैध कटान को रोकना जैसे महत्वपूर्ण कार्य इन्हीं श्रमिकों के कंधों पर होते हैं। कई बार इन कार्यों के दौरान श्रमिकों को जान का खतरा भी उठाना पड़ता है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इनके वेतन में सुधार का फैसला लिया है, ताकि इनके जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सके।

मंत्रिमंडलीय उप समिति की सिफारिश

वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति ने इस मामले पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। समिति की बैठक में यह सिफारिश की गई कि वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप न्यूनतम वेतन दिया जाए। समिति ने न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने पर सहमति जताई है। अब यह प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा जाएगा और मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद इसे कैबिनेट में लाया जाएगा।

करीब 700 श्रमिकों को होगा सीधा लाभ

यदि कैबिनेट से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है, तो Uttarakhand Forest Department में कार्यरत लगभग 700 दैनिक श्रमिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से कम वेतन पर काम कर रहे इन श्रमिकों के लिए यह फैसला किसी बड़ी सौगात से कम नहीं माना जा रहा है। न्यूनतम वेतन तय होने से न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके काम के प्रति आत्मविश्वास और मनोबल भी बढ़ेगा।

पहले भी मिल चुका है आंशिक लाभ

गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2020 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत Uttarakhand Forest Department ने लगभग 300 दैनिक श्रमिकों को महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया था। हालांकि उस समय सभी श्रमिकों को इसका लाभ नहीं मिल सका था। इसी असमानता को दूर करने और बाकी बचे श्रमिकों को भी समान लाभ देने के उद्देश्य से मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया गया था। अब नई सिफारिश के जरिए सरकार सभी दैनिक श्रमिकों को एक समान राहत देने की तैयारी में है।

Uttarakhand Forest Department संगठनों की मांगें भी तेज

दैनिक श्रमिकों और उनके संगठनों का कहना है कि यदि सरकार न्यूनतम वेतन के साथ-साथ महंगाई भत्ता भी लागू करती है, तो इससे उन्हें और अधिक फायदा होगा। इसके अलावा श्रमिक एरियर दिए जाने की मांग भी कर रहे हैं। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह राणा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार दैनिक कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन के साथ अन्य लाभ भी मिलने चाहिए। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस फैसला लेने की अपील की है।

राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से अहम फैसला

धामी सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि वह राज्य के कर्मचारियों और श्रमिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। ऐसे में यह फैसला न सिर्फ सामाजिक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। साल 2026 की शुरुआत में उपनल कर्मचारियों को राहत देने के बाद अब वन विभाग के श्रमिकों के लिए यह कदम सरकार की श्रमिक-हितैषी छवि को और मजबूत करता है।

कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार

अब सभी की निगाहें राज्य कैबिनेट की मंजूरी पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद यह फैसला औपचारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा। ऐसा होने पर Uttarakhand Forest Department के दैनिक श्रमिकों के जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

You Might Also Like

Uttarakhand Jobs: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग की बड़ी भर्ती, 2364 चतुर्थ श्रेणी पदों पर आवेदन शुरू, स्थानीय युवाओं को मिलेगी प्राथमिकता

Uttarakhand Tourism: उत्तराखंड पर्यटन ने बनाया नया रिकॉर्ड, 2025 में 6 करोड़ से अधिक सैलानियों ने किया देवभूमि का रुख

Mountaineering Tourism: उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को नई उड़ान, 83 हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खोली गईं

Kotdwar Controversy: कोटद्वार बाबा दुकान विवाद, इंसानियत के पक्ष में खड़ा युवक बना डर का शिकार, परिवार पर गहराया संकट

Uttarakhand Politics: कर्ज में डूबा उत्तराखंड और बढ़ते ‘माननीयों’ के खर्च, यात्रा भत्ता बढ़ोतरी पर छिड़ी सियासी बहस

TAGGED:cabinet approval wagesdaily wage labourersdhami government decisionforest daily workers Uttarakhandforest department workersforest labour welfareminimum wagesseventh pay commissionseventh pay minimum salaryUttarakhand government
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
munawwar rana s daughter sumaiya rana house arrest 1743762184520 16 9
उत्तर प्रदेश

Lucknow News: दहेज न मिला तो तीन तलाक!मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी हिबा राणा का गंभीर आरोप

Kannu Kannu 2026-02-04
BJP President Bungalow: नितिन नबीन को मिला नया पता, VIP लोकेशन, हाई-प्रोफाइल पहचान, नई जिम्मेदारी
UP News: हाईकोर्ट का बड़ा ऐलान! निजी घरों में पूजा-नमाज पर प्रशासन की दखलअंदाजी नहीं
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: महिला सशक्तिकरण की दिशा में बिहार सरकार का बड़ा कदम, जानें किन महिलाओं को मिलेंगी 2 लाख रुपये की मदद?
Ghaziabad News: छोटी उम्र, बड़ा फैसला! गाजियाबाद में 12, 14 और 16 साल की बहनों की दर्दनाक मौत
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?