Uttarakhand Economy: उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था से जुड़ी कई सकारात्मक तस्वीरें राज्य के ताजा आर्थिक सर्वेक्षण में सामने आई हैं। पिछले कुछ वर्षों में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GSDP), प्रति व्यक्ति आय, उद्योग, कृषि, पर्यटन और ऊर्जा उत्पादन जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। गुरुवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी साझा की और बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती की ओर बढ़ रही है।
GSDP में डेढ़ गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी
Uttarakhand Economy सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2024-25 में उत्तराखंड का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) बढ़कर ₹3,81,889 करोड़ तक पहुंच गया है। तुलना करें तो वर्ष 2021-22 में यह आंकड़ा लगभग ₹2.54 लाख करोड़ था। यानी कुछ ही वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
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इसके साथ ही प्रति व्यक्ति आय में भी महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2021-22 में जहां प्रति व्यक्ति आय ₹1,94,670 थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर ₹2,73,921 तक पहुंच गई है। अधिकारियों के मुताबिक यह राज्य की आर्थिक गतिविधियों और आय के अवसरों में वृद्धि का संकेत देता है।
गरीबी दर में कमी, रोजगार में सुधार
Uttarakhand Economy रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड में आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सूचकांकों में भी सुधार देखने को मिला है। मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स (MPI) में गिरावट दर्ज की गई है।
वर्ष 2021-22 में यह सूचकांक 9.7 प्रतिशत था, जो वर्ष 2024-25 में घटकर 6.92 प्रतिशत पर आ गया है। वहीं लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट भी बढ़ा है। यह 2021-22 में 60.1 प्रतिशत था, जो 2024-25 में बढ़कर 64.4 प्रतिशत हो गया है। इससे रोजगार के अवसरों में करीब 4.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का संकेत मिलता है।
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उद्योग और स्टार्टअप सेक्टर में तेजी
राज्य में उद्योगों और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिला है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, उत्तराखंड में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2021-22 में जहां MSME इकाइयों की संख्या 59,798 थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 79,394 हो गई है। इन उद्योगों में रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या भी बढ़कर 4,56,605 तक पहुंच गई है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2017 तक राज्य में कोई स्टार्टअप पंजीकृत नहीं था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 1750 तक पहुंच गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में भी हुआ विस्तार
राज्य में सड़क और हवाई संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम हुआ है। आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक वर्ष 2021-22 में राज्य में सड़कों की कुल लंबाई 50,393 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 51,278 किलोमीटर हो गई है।
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हेलीपोर्ट और हेलीपैड की संख्या में भी वृद्धि हुई है। 2022 तक राज्य में केवल 2 हेलीपोर्ट थे, जो 2025 तक बढ़कर 7 हो गए हैं। वहीं हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 तक पहुंच गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार
शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। प्राथमिक विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर में कमी आई है। वर्ष 2021-22 में यह दर 1.64 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में घटकर 1.41 प्रतिशत रह गई है। माध्यमिक विद्यालयों में भी ड्रॉपआउट दर में सुधार हुआ है और यह 7.65 प्रतिशत से घटकर 4.59 प्रतिशत पर आ गई है।
राज्य में उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या भी बढ़ी है। डिग्री कॉलेजों की संख्या 124 से बढ़कर 139 हो गई है, जबकि इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 20 से बढ़कर 52 तक पहुंच गई है।
ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
ऊर्जा क्षेत्र में भी राज्य ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। वर्ष 2021-22 में जहां कुल विद्युत उत्पादन 5157 मिलियन यूनिट था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 16,500 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी तेजी से काम हुआ है। पहले जहां सोलर ऊर्जा उत्पादन 439 मेगावाट था, वहीं अब यह बढ़कर 1027 मेगावाट हो गया है।
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स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के संकेतक भी बेहतर हुए हैं। शिशु मृत्यु दर (IMR) वर्ष 2021-22 में 22 थी, जो घटकर 20 हो गई है। वहीं मातृ मृत्यु दर भी 103 से घटकर 91 पर आ गई है। इसके साथ ही राज्य में औसत जीवन प्रत्याशा भी बढ़ी है। पहले जहां यह 71.7 वर्ष थी, अब यह बढ़कर 73 वर्ष हो गई है।
पर्यटन और कृषि क्षेत्र में भी बढ़त
उत्तराखंड में पर्यटन उद्योग भी तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2021-22 में जहां 8225 होटल और अन्य आवासीय इकाइयां थीं, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 10,509 हो गई है।
होमस्टे की संख्या भी 3935 से बढ़कर 6161 हो गई है। कृषि क्षेत्र में भी सुधार हुआ है और धान-गेहूं की उत्पादकता बढ़कर 32.47 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है।
भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत
Uttarakhand Economy आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2026-27 में राज्य की GSDP ग्रोथ लगभग 8.2 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। अधिकारियों का मानना है कि यदि विकास की यह रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और मजबूत हो सकती है।
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