Disaster Management: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद राज्य का Disaster Management तंत्र पूरी तरह सतर्क हो गया है। मौसम की मार से जनजीवन प्रभावित न हो, इसके लिए शासन Disaster Management लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। शनिवार को आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेशभर में वर्षा, बर्फबारी और कोहरे की स्थिति की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड में रहने और जन सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री खुद कर रहे निगरानी
सचिव Disaster Management ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मौसम जनित परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और नियमित रूप से स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। खासतौर पर सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने पर जोर दिया गया है।
READ:श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार अलर्ट, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया स्वरूप
66 सड़कें बंद, 6 नेशनल हाईवे भी प्रभावित
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी की शाम तक प्रदेशभर में कुल 66 सड़कें बर्फबारी के कारण बाधित रहीं। इनमें 6 नेशनल हाईवे, 6 स्टेट हाईवे, 3 मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (MDR), 1 बॉर्डर डिस्ट्रिक्ट रोड (BDR), 24 लोक निर्माण विभाग की सड़कें और 26 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। कई क्षेत्रों में यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क, बिजली और पानी बहाली के निर्देश
Disaster Management सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बर्फबारी से अवरुद्ध मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जाए। जेसीबी, स्नो कटर और अन्य मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही बिजली और पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए विभागीय टीमों को लगातार फील्ड में तैनात रहने को कहा गया है, ताकि आम नागरिकों को आवश्यक सेवाएं समय पर मिल सकें।
READ: उत्तराखंड में पंचायत व्यवस्था को मजबूती देने की तैयारी, पंचायत भवन निर्माण के लिए बढ़ेगा बजट
फंसे लोगों को तत्काल राहत के निर्देश
Disaster Management समीक्षा बैठक में विभिन्न जनपदों में वाहनों और व्यक्तियों के फंसे होने की घटनाओं पर भी चर्चा की गई। सचिव सुमन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी भी क्षेत्र से फंसे लोगों की सूचना मिलती है तो जिला प्रशासन तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करे। दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर
शीतलहर और बर्फबारी को देखते हुए बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों को अपने-अपने क्षेत्रों में रैन बसेरों, स्वास्थ्य सुविधाओं और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा, आपातकालीन उपकरणों, मानव बल और राहत सामग्री को पूरी तरह तैयार अवस्था में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
DGRE की हिमस्खलन चेतावनी, कई जिले हाई रिस्क पर
इसी बीच रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE), चंडीगढ़ की ओर से हिमस्खलन को लेकर चेतावनी जारी की गई है। यह चेतावनी 24 जनवरी 2026 की शाम 5 बजे से 25 जनवरी 2026 की शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगी। DGRE के बुलेटिन के अनुसार उत्तरकाशी जिले में 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन खतरा स्तर-2 (येलो) बताया गया है। वहीं चमोली जिले में 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर खतरा स्तर-3 (ऑरेंज) दर्ज किया गया है, जो अपेक्षाकृत अधिक गंभीर माना जाता है।
इसके अलावा रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भी 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा स्तर-2 (येलो) बताया गया है। DGRE के अनुसार इन इलाकों में बर्फ की परतें आंशिक रूप से अस्थिर हैं और प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
उत्तराखंड की बड़ी खबर देखने के लिये क्लिक करे
ऊंचाई वाले इलाकों में आवाजाही पर नियंत्रण
हिमस्खलन की चेतावनी को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जिलों को अलर्ट पर रखा है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ऊंचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही पर नियंत्रण रखा जाए। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लगातार जागरूक किया जाए और मौसम की स्थिति सामान्य होने तक सावधानी बरतने की सलाह दी जाए।
जनता से अपील, अनावश्यक यात्रा से बचें
Disaster Management सचिव विनोद कुमार सुमन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला प्रशासन या आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए तंत्र पूरी तरह तैयार है और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पढ़े ताजा अपडेट: Hindi News, Today Hindi News, Breaking News



