Pre SIR Voter Mapping Campaign: उत्तराखंड में आगामी चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची के शुद्धिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में चल रहा Pre SIR Voter Mapping Campaign अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, 27 मार्च 2026 तक प्रदेश के 85.50 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है। अब लक्ष्य है कि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले विशेष अभियान के जरिए शत-प्रतिशत मैपिंग सुनिश्चित की जाए।
यह अभियान आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की नींव माना जा रहा है, जिसके मई-जून 2026 में शुरू होने की संभावना है। इस लिहाज से Pre-SIR Voter Mapping Campaign राज्य की चुनावी पारदर्शिता और सटीक मतदाता सूची तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
85% से अधिक मतदाता कवर, कई जिलों ने हासिल किया शानदार प्रदर्शन
राज्य के कुल 81.84 लाख मतदाताओं में से लगभग 69.97 लाख लोगों की पहचान और सत्यापन किया जा चुका है। कई पहाड़ी जिलों ने इस अभियान में शानदार प्रदर्शन किया है।
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बागेश्वर जिले ने 98% से अधिक मैपिंग के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि अल्मोड़ा, चंपावत, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में भी 90% से अधिक प्रगति दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दूरस्थ क्षेत्रों में भी Pre SIR Voter Mapping Campaign को गंभीरता से लागू किया गया है।
हालांकि, देहरादून, उधम सिंह नगर और हरिद्वार जैसे मैदानी जिलों में अपेक्षाकृत कम प्रगति सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि इन क्षेत्रों में जनसंख्या अधिक होने और लगातार पलायन के कारण प्रत्येक मतदाता तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है।
1 अप्रैल से शुरू होगा डोर-टू-डोर सघन अभियान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल से राज्यभर में विशेष डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में मैपिंग बढ़ाना है जहां प्रतिशत अभी कम है।
इस चरण में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इसके साथ ही राजनीतिक दलों से भी अपील की गई है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति जल्द से जल्द करें, ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
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‘Book a Call with BLO’ सुविधा से बढ़ी पहुंच
मतदाताओं की सुविधा के लिए निर्वाचन आयोग ने डिजिटल पहल भी शुरू की है। Pre SIR Voter Mapping Campaign के तहत अब मतदाता “Book a Call with BLO” सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।
इस सुविधा के जरिए मतदाता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने क्षेत्र के BLO से संपर्क कर सकते हैं। कॉल बुक करने के दो दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी उनसे संपर्क करते हैं, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान हो गई है।
ASD सूची तैयार करने पर भी फोकस
अभियान के दौरान केवल मैपिंग ही नहीं, बल्कि मतदाता सूची की शुद्धता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत हर बूथ पर Absent, Shifted और Dead (ASD) मतदाताओं की सूची तैयार की जा रही है।
इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदाता सूची में केवल पात्र और वर्तमान मतदाताओं के नाम ही शामिल रहें। इससे भविष्य में चुनाव प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बन सकेगी।
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राजनीतिक दलों की भागीदारी अहम
राज्य में कुल 11,733 पोलिंग बूथ हैं, लेकिन अभी तक राजनीतिक दलों द्वारा पर्याप्त संख्या में BLA की नियुक्ति नहीं की गई है। अधिकारियों का मानना है कि यदि हर बूथ पर सक्रिय BLA होंगे, तो Pre SIR Voter Mapping Campaign को और गति मिलेगी।
बीजेपी और कांग्रेस सहित अन्य दलों ने अपने-अपने स्तर पर BLA नियुक्त किए हैं, लेकिन अभी भी कई बूथ ऐसे हैं जहां प्रतिनिधित्व नहीं है। निर्वाचन आयोग ने सभी दलों से सहयोग बढ़ाने की अपील की है।
आईटी वॉलिंटियर्स की तैनाती से डिजिटल मजबूती
आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य में आईटी वॉलिंटियर्स की तैनाती की योजना भी बनाई गई है। ये वॉलिंटियर्स BLO की तकनीकी मदद करेंगे और डेटा को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने में सहयोग देंगे।
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इस पहल से Pre SIR Voter Mapping Campaign को डिजिटल मजबूती मिलेगी और भविष्य में मतदाता सूची अपडेट करना और आसान हो जाएगा।
चुनावी पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
उत्तराखंड में चल रहा Pre SIR Voter Mapping Campaign सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान सुनिश्चित करेगा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और कोई भी गलत प्रविष्टि न रहे।
अब नजर 1 अप्रैल से शुरू होने वाले सघन अभियान पर है, जो इस प्रक्रिया को अंतिम चरण तक पहुंचाएगा। यदि यह अभियान सफल होता है, तो आगामी चुनावों में उत्तराखंड एक सटीक और पारदर्शी मतदाता सूची के साथ आगे बढ़ेगा, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाएगा।



