Patanjali Hospital: पतंजलि योगपीठ द्वारा संचालित विश्व के पहले इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम पर आधारित Patanjali Hospital इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। उद्घाटन के बाद गृह मंत्री ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और योग, आयुर्वेद व आधुनिक चिकित्सा के समन्वित मॉडल की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई दिशा देने वाला कदम बताया।
इंटीग्रेटेड चिकित्सा प्रणाली की शुरुआत
इस अवसर पर Patanjali योगपीठ के संस्थापक और अध्यक्ष स्वामी रामदेव ने कहा कि यह दिन पूरे पतंजलि परिवार के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने इसे विश्व का पहला ऐसा Patanjali Hospital बताया, जहां योग, आयुर्वेद, नेचुरोपैथी और आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा को एक मंच पर लाकर उपचार किया जाएगा। स्वामी रामदेव के अनुसार, इस मॉडल का उद्देश्य रोगों का उपचार ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव के माध्यम से पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करना है।
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योग–आयुर्वेद से रोगों पर नियंत्रण का दावा
स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि का लक्ष्य 90 से 99 प्रतिशत रोगियों को योग, आयुर्वेद, पंचकर्म, षट्कर्म, पंचमहाभूत चिकित्सा, औषधीय जल व आहार, उपवास और उपासना के माध्यम से स्वस्थ करना है। उन्होंने बताया कि Patanjali Hospital देश के लगभग 10 एम्स संस्थानों के साथ संयुक्त शोध कर रहा है, जिनमें ऋषिकेश, दिल्ली, गुवाहाटी, जम्मू-कश्मीर और भोपाल शामिल हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका सहित 25 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मेडिकल संस्थानों के साथ भी शोध कार्य जारी है।
वैज्ञानिक शोध और क्लिनिकल डेटा पर जोर
स्वामी रामदेव ने बताया कि पतंजलि के पास एनिमल ट्रायल, ह्यूमन ट्रायल और ड्रग डिस्कवरी से जुड़ी संपूर्ण वैज्ञानिक प्रणाली उपलब्ध है। उनके अनुसार, देश में एक अरब से अधिक लोग योग और आयुर्वेद का अनुसरण करते हैं, जिसका वास्तविक जीवन आधारित प्रमाण उनके पास मौजूद है। साथ ही 1.38 करोड़ लोगों का क्लिनिकल डेटा ईएमआर (इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड) के रूप में संकलित किया गया है, जो शोध को और मजबूत बनाता है।
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गंभीर रोगों में भी उपचार की व्यवस्था
उन्होंने कहा कि Patanjali Hospital ने बीपी, डायबिटीज और थायराइड जैसी बीमारियों में सिंथेटिक दवाओं पर निर्भरता कम करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। किडनी और लिवर रोगों के मामलों में भी सुधार के वैज्ञानिक मॉड्यूल और क्लिनिकल डेटा उपलब्ध होने का दावा किया गया। फैटी लिवर के विभिन्न ग्रेड, लिवर सिरोसिस, हेपेटाइटिस और लिवर कैंसर जैसी जटिल बीमारियों के उपचार पर भी यहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किडनी रोगियों के लिए डायलिसिस की सुविधा है, लेकिन प्राथमिक प्रयास डायलिसिस से बचाव का रहता है।
250 बेड का अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि यह नया परिसर 250 बेड की क्षमता वाला अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी Patanjali Hospital है। यहां 24 घंटे इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। आधुनिक इमरजेंसी विभाग, ट्रॉमा केयर यूनिट, हाई एंड आईसीयू, वेंटिलेटर सपोर्ट और क्रिटिकल केयर एंबुलेंस सेवाएं अस्पताल की प्रमुख विशेषताएं हैं।
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कार्डियोलॉजी से न्यूरोसर्जरी तक सुविधाएं
Patanjali Hospital में कार्डियोलॉजी विभाग के अंतर्गत कैथ लैब, कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टेंट प्रत्यारोपण, पेसमेकर और आईसीडी इम्प्लांट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा ईसीजी, इको, स्ट्रेस इको और टीएमटी की भी व्यवस्था है। न्यूरोसर्जरी विभाग में ब्रेन और स्पाइन सर्जरी की सुविधा प्रदान की जाएगी।
अन्य विभागों में भी व्यापक इलाज
ऑर्थोपेडिक विभाग में घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण, फ्रैक्चर और ट्रॉमा सर्जरी की सुविधा होगी। जनरल सर्जरी विभाग में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, गॉल ब्लैडर, अपेंडिक्स, लिवर और पैंक्रियास सर्जरी के साथ लेजर सर्जरी और डायबिटिक फुट ट्रीटमेंट की व्यवस्था की गई है। वहीं स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में सामान्य और सी-सेक्शन डिलीवरी के साथ लेप्रोस्कोपिक एवं ओपन सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
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भारत को वैश्विक हेल्थ डेस्टिनेशन बनाने का लक्ष्य
कार्यक्रम के अंत में स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि का सपना है कि भारत पूरी दुनिया के लिए हेल्थ डेस्टिनेशन बने, जहां लोग योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ जीवन पद्धति सीखने आएं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह Patanjali Hospital इंटीग्रेटेड चिकित्सा मॉडल आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगा।



