By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Homestay Tourism: विकास और विरासत की साझी कहानी, होम-स्टे से उत्तराखंड के गांवों में लौटी रौनक
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > उत्तराखंड > Homestay Tourism: विकास और विरासत की साझी कहानी, होम-स्टे से उत्तराखंड के गांवों में लौटी रौनक
उत्तराखंड

Homestay Tourism: विकास और विरासत की साझी कहानी, होम-स्टे से उत्तराखंड के गांवों में लौटी रौनक

Manisha
Last updated: 2026-01-28 10:12 पूर्वाह्न
Manisha Published 2026-01-28
Share
Homestay Tourism
Homestay Tourism: विकास और विरासत की साझी कहानी, होम-स्टे से उत्तराखंड के गांवों में लौटी रौनक
SHARE

Homestay Tourism: कभी पलायन की मार झेल रहे उत्तराखंड के पहाड़ी गांव अब एक नई पहचान के साथ उभर रहे हैं। जहां एक समय खाली होते घर, बंद स्कूल और वीरान खेत दिखाई देते थे, वहीं आज उन्हीं गांवों में पर्यटकों की चहल-पहल और रोजगार के नए अवसर नजर आ रहे हैं। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आई है राज्य की Homestay Tourism योजनाएं, जिन्होंने विकास और परंपरा के बीच एक मजबूत सेतु तैयार किया है।

Contents
पलायन से आत्मनिर्भरता की ओर सफरपर्यटकों को भा रहा ‘घर जैसा अनुभव’सरकारी योजनाओं से मिली मजबूतीमहिलाओं के हाथ में आई कमानटिहरी बना होम-स्टे मॉडलसंस्कृति और परंपरा को मिल रहा नया मंचभविष्य की उम्मीद

पलायन से आत्मनिर्भरता की ओर सफर

उत्तराखंड लंबे समय से पलायन की समस्या से जूझता रहा है। बेहतर शिक्षा, रोजगार और सुविधाओं की तलाश में लोग गांव छोड़कर शहरों का रुख करते थे। लेकिन बीते कुछ वर्षों में तस्वीर बदलती दिख रही है। होम-स्टे योजनाओं ने ग्रामीणों को अपने ही घरों से आय अर्जित करने का अवसर दिया है। इससे न सिर्फ रोजगार पैदा हुआ, बल्कि लोगों का अपने गांव से जुड़ाव भी मजबूत हुआ है।

READ: उत्तराखंड में मौसम का कहर… आपदा प्रबंधन अलर्ट पर, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील

पर्यटकों को भा रहा ‘घर जैसा अनुभव’

आज का पर्यटक सिर्फ होटल और रिसॉर्ट नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, खानपान और जीवनशैली को करीब से महसूस करना चाहता है। उत्तराखंड के Homestay Tourism इसी जरूरत को पूरा कर रहे हैं। पहाड़ों की गोद में बसे ये घर पर्यटकों को पारंपरिक भोजन, स्थानीय बोलचाल और गांव के सहज जीवन से रूबरू कराते हैं। यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग अब इन गांवों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

सरकारी योजनाओं से मिली मजबूती

राज्य सरकार ने Homestay Tourism  को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता, सब्सिडी और प्रशिक्षण की व्यवस्था की है। दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास योजना जैसी पहलें पर्यटन के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। सरकार का उद्देश्य साफ है- गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराकर पलायन पर रोक लगाना।

Read : केदारनाथ-बदरीनाथ में ‘गैर हिंदुओं’ पर बैन? क्या अब दर्शन से पहले होगा धर्म परीक्षण, BKTC की तैयारी से देश में मचा बवाल

महिलाओं के हाथ में आई कमान

इस बदलाव की सबसे अहम कड़ी बनकर उभरी हैं पहाड़ की महिलाएं। होम-स्टे संचालन से लेकर मेहमानों के स्वागत और पारंपरिक भोजन की तैयारी तक, महिलाएं हर मोर्चे पर आगे हैं। टिहरी, देहरादून और आसपास के जिलों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं न सिर्फ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही हैं।

टिहरी बना होम-स्टे मॉडल

टिहरी जिला Homestay Tourism  की सफलता का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। यहां के कई गांवों में दर्जनों होम-स्टे संचालित हो रहे हैं। अकेले कुछ गांवों में ही 20 से अधिक होम-स्टे रजिस्ट्रेशन इसका प्रमाण हैं कि स्थानीय लोग इस मॉडल को तेजी से अपना रहे हैं। इससे गांवों में रोज़गार, स्वरोज़गार और पर्यटन तीनों को एक साथ बढ़ावा मिला है।

Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

संस्कृति और परंपरा को मिल रहा नया मंच

Homestay Tourism सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक-संस्कृति को जीवित रखने का माध्यम भी बन रहे हैं। पारंपरिक व्यंजन, स्थानीय त्योहार, वेशभूषा और रीति-रिवाज अब पर्यटकों के अनुभव का हिस्सा बन रहे हैं। इससे नई पीढ़ी में भी अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गर्व और जुड़ाव बढ़ रहा है।

भविष्य की उम्मीद

जून 2025 तक राज्य में हजारों Homestay Tourism पंजीकृत हो चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं को इसी तरह ज़मीनी स्तर पर लागू किया गया, तो उत्तराखंड ग्रामीण पर्यटन का राष्ट्रीय मॉडल बन सकता है। कुल मिलाकर, Homestay Tourism योजनाएं यह साबित कर रही हैं कि अगर नीति, परंपरा और स्थानीय भागीदारी साथ आए, तो विकास सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहता। उत्तराखंड के गांव आज इसी साझी कोशिश की बदौलत फिर से मुस्कुरा रहे हैं

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

You Might Also Like

Uttarakhand Jobs: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग की बड़ी भर्ती, 2364 चतुर्थ श्रेणी पदों पर आवेदन शुरू, स्थानीय युवाओं को मिलेगी प्राथमिकता

Uttarakhand Tourism: उत्तराखंड पर्यटन ने बनाया नया रिकॉर्ड, 2025 में 6 करोड़ से अधिक सैलानियों ने किया देवभूमि का रुख

Mountaineering Tourism: उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को नई उड़ान, 83 हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खोली गईं

Kotdwar Controversy: कोटद्वार बाबा दुकान विवाद, इंसानियत के पक्ष में खड़ा युवक बना डर का शिकार, परिवार पर गहराया संकट

Uttarakhand Politics: कर्ज में डूबा उत्तराखंड और बढ़ते ‘माननीयों’ के खर्च, यात्रा भत्ता बढ़ोतरी पर छिड़ी सियासी बहस

TAGGED:Government Schemeshomestay tourismmigration controlrural development Uttarakhandrural economysustainable tourismTehri homestayUttarakhand homestayvillage tourismwomen empowerment
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Narayan Jagadeesan Century
खेल

Cricket Viral News: नारायण जगदीशन का तूफानी शतक, तिलक वर्मा और आयुष बडोनी का छक्कों से कहर

ShreeJi ShreeJi 2026-02-03
UP News: निवेशकों को योगी सरकार की गारंटी, अपराध करेगा तो पुलिस देगी सीधा जवाब
UGC rules: UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, लागू होने से पहले ही लगा ब्रेक
Uttarakhand Tourism: उत्तराखंड पर्यटन ने बनाया नया रिकॉर्ड, 2025 में 6 करोड़ से अधिक सैलानियों ने किया देवभूमि का रुख
Uttarakhand Teacher Recruitment: उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को मिली नई ताकत, 1035 सहायक अध्यापकों को मिले नियुक्ति पत्र
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?