Kalum Singh Bisht: चमोली जिले के विकासखंड देवाल के अंतर्गत मंडोली गांव निवासी पूर्व सैनिक Kalum Singh Bisht को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय में सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद समाज के लिए किए गए असाधारण कार्यों और खेल के क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रदान किया गया। समारोह का आयोजन 21 जनवरी की देर शाम किया गया, जहां सेना के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में उनके योगदान की सराहना की गई।
सेवानिवृत्ति के बाद भी राष्ट्र सेवा की मिसाल
चौथी गढ़वाल राइफल्स (नूरानांग) से नायक पद से सेवानिवृत्त हुए Kalum Singh Bisht ने यह साबित किया कि सेना से रिटायरमेंट के बाद भी राष्ट्र और समाज की सेवा का दायित्व खत्म नहीं होता। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि बिष्ट ने अपने अनुशासन, समर्पण और कर्मठता से समाज के लिए जो कार्य किए हैं, वे न केवल पूर्व सैनिकों बल्कि वर्तमान सैनिकों और युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक हैं।
अल्ट्रा रनिंग में उपलब्धियों को बताया उदाहरण
जनरल द्विवेदी ने विशेष रूप से अल्ट्रा ट्रेल रनिंग में Kalum Singh Bisht की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी खेल उपलब्धियां सेना के हर जवान के लिए एक मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में लंबी दूरी की दौड़ पूरी करना मानसिक और शारीरिक दृढ़ता का प्रतीक है, जो सेना के मूल्यों से मेल खाता है। इस अवसर पर उन्होंने बिष्ट को भविष्य में भी समाजहित में उत्कृष्ट कार्य करते रहने के लिए शुभकामनाएं दीं।
सेनाध्यक्ष का प्रशस्ति पत्र
सम्मान समारोह के दौरान सेनाध्यक्ष की ओर से Kalum Singh Bisht को एक प्रशस्ति पत्र भी सौंपा गया। इसमें उल्लेख किया गया कि पूर्व सैनिक बिष्ट ने सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्तव्यनिष्ठा, कार्यकुशलता और देशभक्ति की भावना को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्र की प्रगति में अनमोल योगदान दिया है। पत्र में कहा गया कि उन्होंने देश के नागरिकों और पूर्व सैनिकों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसके लिए सेना उनकी सराहना करती है।
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मंडोली राइडर्स क्लब की स्थापना
सेना से रिटायरमेंट के बाद Kalum Singh Bisht ने अपने गांव मंडोली के नाम से ‘मंडोली राइडर्स क्लब’ की स्थापना की। इस क्लब के माध्यम से वे क्षेत्र के गरीब और प्रतिभाशाली युवक-युवतियों तथा बच्चों को विभिन्न खेल और साहसिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। क्लब में साइकिलिंग, पर्वतारोहण, लंबी दूरी की दौड़, अल्ट्रा ट्रेल रनिंग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
युवाओं को सेना की तैयारी में मदद
मंडोली राइडर्स क्लब केवल खेल तक सीमित नहीं है। Kalum Singh Bisht यहां युवाओं को सेना में भर्ती की तैयारी भी करवा रहे हैं। वे अपने सैन्य अनुभव के आधार पर युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण, अनुशासन और मानसिक मजबूती के गुर सिखाते हैं। क्षेत्र के कई युवा उनके मार्गदर्शन में सेना और अर्धसैनिक बलों की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, जिससे गांव और आसपास के क्षेत्रों में सकारात्मक माहौल बना है।
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राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान
Kalum Singh Bisht स्वयं भी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अल्ट्रा ट्रेल रनिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे हैं। मैराथन से भी लंबी दूरी की इन दौड़ों में उन्होंने उत्तराखंड और भारत का नाम वैश्विक मंच पर रोशन किया है। कठिन पर्वतीय मार्गों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनकी सफलता ने यह साबित किया है कि उम्र और परिस्थितियां संकल्प के आगे बाधा नहीं बन सकतीं।
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समाज सेवा में सक्रिय भूमिका
खेल और प्रशिक्षण के साथ-साथ Kalum Singh Bisht सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण, युवाओं को नशे से दूर रखने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए वे लगातार जागरूकता अभियान चलाते हैं। उनके इन प्रयासों के चलते क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक और खेल मंचों पर उनकी लगातार सराहना होती रही है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने कलम सिंह बिष्ट
पूर्व सैनिक Kalum Singh Bisht का सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि उन मूल्यों का सम्मान है जो सेवा, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाते हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी सकारात्मक सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। आज वे न केवल मंडोली बल्कि पूरे चमोली जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं।



