Haridwar Congress march: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी प्रकरण को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। congress ने मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर haridwar में congress march निकालकर प्रदेश सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जानबूझकर वीआईपी एंगल को दबाने की कोशिश कर रही है और न्याय की मांग कर रहे लोगों की आवाज को अनसुना किया जा रहा है।
Haridwar शिव मूर्ति चौक से हरकी पैड़ी तक March
Haridwar में congress march शिव मूर्ति चौक से शुरू होकर हरकी पैड़ी तक निकाला गया। march के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने हाईकोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ सकती।
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महेंद्र भट्ट के बयान पर हरीश रावत का पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के उस बयान पर तीखा पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सीबीआई जांच के लिए कोर्ट का रास्ता अपनाया जाए। हरीश रावत ने सवाल उठाया कि क्या महेंद्र भट्ट सरकार को इतना लाचार बता रहे हैं कि वह एक बेटी के सम्मान के लिए भी फैसला नहीं ले सकती? उन्होंने कहा कि अगर सरकार खुद को असहाय मानती है और कहती है कि वह कुछ नहीं कर सकती, तो जनता को यह स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।
Haridwar Congress march: सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी सरकार!
हरीश रावत ने कहा कि सीबीआई जांच की सिफारिश करना सरकार का अधिकार और जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का यह कहना कि सरकार कुछ नहीं कर सकती, अपने आप में सरकार की नाकामी को उजागर करता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि सरकार ईमानदार है तो उसे खुद आगे बढ़कर सीबीआई जांच की सिफारिश करनी चाहिए, न कि जिम्मेदारी कोर्ट पर डालनी चाहिए।
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वीआईपी कौन है? अब भी बना हुआ है बड़ा सवाल
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी कौन है, यह सवाल लगातार गहराता जा रहा है। हरीश रावत ने कहा कि देहरादून से लेकर दिल्ली तक लोग इसी सवाल का जवाब जानना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता ने जिस वीआईपी को ‘विशेष सेवा’ देने की बात कही थी, अब वही नाम फिर से चर्चाओं में सामने आ रहा है। congress का दावा है कि इस एंगल को जानबूझकर दबाया जा रहा है, ताकि प्रभावशाली लोगों को बचाया जा सके।
जज की निगरानी में हो जांच- Congress की मांग
हरीश रावत ने एक बार फिर दोहराया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर इसकी जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल इसी तरह अपराधियों पर कानून का शिकंजा कस सकता है और पीड़िता को न्याय मिल सकता है। congress का कहना है कि मौजूदा जांच पर लोगों का भरोसा नहीं रहा है।
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Haridwar Congress march: उर्मिला सनावर के वीडियो से बढ़ा राजनीतिक बवाल
बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के बीच बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में नया बवाल खड़ा हो गया है।Haridwar congress march के इस मुद्दे को भी अंकिता भंडारी मामले से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इन घटनाओं ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।
Haridwar Congress march: हरिद्वार से देहरादून तक
कांग्रेस का विरोध केवल हरिद्वार तक सीमित नहीं रहा। इससे पहले भी हरीश रावत और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के नेतृत्व में पैदल मार्च और धरना प्रदर्शन किए जा चुके हैं। कुछ दिन पहले हरीश रावत ने देहरादून स्थित डीएम कैंप कार्यालय पर धरना दिया था।
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देहरादून में सीएम आवास कूच, उमड़ा जन सैलाब
इधर देहरादून में भी अंकिता भंडारी केस की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कई संगठन और राजनीतिक दल सड़कों पर उतर आए। हजारों लोगों ने सीएम आवास कूच किया और एक स्वर में सीबीआई जांच तथा कथित वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कुल मिलाकर, अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। Haridwar Congress March इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रही है, जबकि जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार आगे क्या कदम उठाती है और क्या पीड़िता को न्याय मिल पाएगा या नहीं।



